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गुड़गांव में शुरू हुई नॉर्थ ईस्ट हेल्पलाइन

Tue, 28 Oct 2014 08:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर गृह राज्य मंत्री की घोषणा के बाद मंगलवार को गुड़गांव पुलिस ने नॉर्थ-ईस्ट (एनई) हेल्पलाइन की शुरूआत कर दी। पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने इसका विधिवत उद्घघाटन किया।
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लघु सचिवालय के तीसरे फ्लोर स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में हेल्पलाइन का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि पूर्वोत्तर के लोगों की सहायता के लिए विशेष तौर पर शुरू किया गया है।

जिसमें एनई हेल्पलाइन से 0124-2301559 पर सातों दिन 24 घंटे पूर्वोत्तर के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि हेल्पलाइन में भाषा संबंधी जानकारी के लिए पूर्वोत्तर के लोगों का प्रतिनिधि मंडल से वालंटियर यहां ड्यूटी देंगे।
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जो आने वाले कॉल में प्रतिनिधि की सहायता करेंगे। हालांकि उन्होंने इसे प्राथमिक चरण बताया है। उनके मुताबिक पुलिस कंट्रोल रूम में ही इसे मॉनिटर किया जाएगा। आने वाले समय में स्टाफ को ट्रेनिंग देकर विशेष तौर पर तैयार किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने डीसीपी ईस्ट नाजनीन भसीन समेत पुलिसकर्मियों के साथ पूर्वोत्तर के लोगों को इस बारें में जानकारी दी।

कहीं न हो जाए जल्दबाजी का नुकसान
पिछले दिनों शहर में पूर्वोत्तर के लोगों पर हुए हमले के बाद हुए संवेदनशील मामले में गृह मंत्रालय के रुख के बाद गुड़गांव पुलिस ने पूर्वोत्तर के लोगों के लिए खास हेल्पलाइन की शुरूआत कर दी। लेकिन बिना तैयारी की गई हेल्पलाइन की शुरूआत ने गुड़गांव पुलिस को ही परेशानी में खड़ा कर दिया है।

हालांकि, पुलिस इसे प्राथमिक चरण बता रही है लेकिन सामने आ रही कमियों को लेकर हेल्पलाइन पुलिस के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है।

दिल्ली-एनसीआर के मुकाबले गुड़गांव में काफी संख्या में पूर्वोत्तर से संबंध रखने वाले लोगों को रहने के चलते यहां पर उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष तौर पर हेल्पलाइन नंबर की शुरूआत करने की घोषणा की गई थी। जिसमें खुद गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने जल्द ही इसकी शुरूआत के लिए कहा था।

शहर में पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर गुड़गांव पुलिस ने मंगलवार को अचानक एनई हेल्पलाइन की शुरूआत कर दी। जिसमें टोल फ्री की बजाय पुलिस कंट्रोल रूम में एक सेटअप तैयार किया गया।

जिसमें तीन चरणों में पुलिस के जवानों की ड्यूटी तो तैनात कर दी गई लेकिन उन्हें बिना ट्रेनिंग हेल्पलाइन डेस्क पर बैठाए जाने से परेशानी खड़ी हो गई है। लेकिन पूर्वोत्तर के लोगों की भाषा संबंधी कोई जानकारी नहीं होने से पुलिसकर्मियों को भी परेशानी होगी।

इतना ही नहीं, हेल्पलाइन में एक सिंगल टेलिफोन लाइन भी नाकाफी बताया जा रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल ने इसे शुरूआती चरण बताया। साथ ही कहा कि इसमें पूर्वोत्तर के लोगों को बतौर वांलटियर शामिल किया जा रहा है जिसके आधार पर आगे इसमें सुधार किया जाएगा।
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