सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औरंगाबाद में रविवार सुबह एक जन्मजात बीमारी से ग्रस्त बच्ची का सामान्य प्रसव किया गया। बच्ची की नाभि नाल के साथ छोटी आंत व बड़ी आंत पेट से बाहर निकली हुई थी। बच्ची का वजन केवल 1 किलो 600 ग्राम था। बच्ची की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे जिला नागरिक अस्पताल रेफर किया गया, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
सीएचसी औरंगाबाद में रविवार रात को गांव नंगला एहसानपुर निवासी सकरूद्दीन अपनी पत्नी मिसकीना की प्रसूति के लिए लेकर आया। स्वास्थ्य केंद्र में सुबह सात बजकर 26 मिनट पर स्टाफ नर्स गुंजन तथा सरिता के द्वारा सामान्य प्रसूति करवाई गई। महिला एक बच्ची को जन्म दिया जो जन्मजात बीमारी से ग्रस्त थी। बच्ची की नाभि नाल के साथ चोटी व बड़ी आंत पेट से बाहर निकली हुई थी।
अस्पताल के आयुष अधिकारी डॉ.रूप कुमार ने बताया कि गर्भावस्था में फोलिक एसिड और आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट नहीं लेने से ऐसी जन्मजात बीमारियां पैदा होती हैं। गर्भावस्था के पहले तीन माह
होने तक फोलिक एसिड की टेबलेट तथा तीन महीने के बाद आयरन फोलिक एसिड की टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है। ताकि जन्मजात बीमारियों से बचाव हो सके। उन्होंने बताया कि बच्ची का वजन भी काफी कम था और स्थिति गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।