हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली मेट्रो स्टाफ काउंसिल ने हड़ताल स्थगित कर दी, लेकिन मांगों की लड़ाई जारी रखी। मेट्रो के नॉन एग्जिक्यूटिव स्टाफ ने शनिवार को बाजू पर काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया। मेट्रो कर्मी पिछले साल मांगों को लेकर मेट्रो प्रबंधन के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो स्टाफ काउंसिल के महासचिव रवि भारद्वाज ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार 30 जून को की जाने वाले मेट्रो की हड़ताल स्थगित की गई। हालांकि, मांगों को पूरा करवाने के लिए कर्मचारी अभी भी मेट्रो प्रबंधन की नीतियों का विरोध कर रहे हैं। स्टाफ काउंसिल के सभी सदस्यों ने शनिवार से बाएं बाजू पर काली पट्टी बांधकर मेट्रो प्रबंधन का विरोध किया।
भारद्वाज का कहना है कि काउंसिल की मांगों को लेकर पिछले साल 23 जुलाई को मेट्रो प्रबंधन के साथ समझौता हुआ था। एक साल बीत जाने के बावजूद समझौते के तहत किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। मेट्रो प्रबंधन की वादाखिलाफी के कारण मेट्रो कर्मियों में रोष की स्थिति बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कर्मचारी अपना विरोध फिर से तेज करेंगे। ताकि मेट्रो कर्मियों को उनका अधिकार मिल सके। गौरतलब है कि मेट्रो में 9000 नॉन एग्जिक्यूटिव स्टाफ है, जो मेट्रो संचालन से लेकर मेंटेनेंस और तकनीकी समेत अन्य ऑपरेशन को संभालता है।