दिल्ली में चल रहे जनगणना संबंधी सर्वेक्षण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करना कर्मचारियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। 14 जून तक सर्वेक्षण पूरा किया जाना है, लेकिन कई क्षेत्रों में लोगों के असहयोग के कारण काम प्रभावित हो रहा है।
जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों का कहना है कि कई घरों में लोग मौजूद होने के बावजूद दरवाजा नहीं खोलते या बाद में आने की बात कहकर जानकारी देने से बचते हैं। कर्मचारियों के अनुसार एक ही परिवार से जानकारी जुटाने के लिए कई बार तीन से चार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।
कई मामलों में महिलाएं घर पर अकेली होने या परिवार के अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति का हवाला देकर जानकारी देने से इंकार कर देती हैं। वहीं, जनगणना फॉर्म में शामिल 33 प्रश्नों का उत्तर देने में भी कई लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए कुछ इलाकों में पुलिस की मदद से जानकारी एकत्र की जा रही है। वहीं, कई आवासीय सोसायटियों में आरडब्ल्यूए और सोसायटी प्रबंधन की सहायता ली जा रही है। कर्मचारियों ने व्हाट्सएप समूहों और जागरूकता संदेशों के माध्यम से भी लोगों से सहयोग की अपील की है।
जनगणना कर्मियों का कहना है कि असहयोग से जुड़े मामलों की जानकारी लगातार वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है। उनका मानना है कि नागरिकों के सहयोग के बिना निर्धारित समय में सर्वेक्षण पूरा करना कठिन होगा।
अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे जनगणना दलों को सही और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि यह महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।
कई परिवार जानकारी देने से बचते हैं, जिससे सर्वेक्षण प्रभावित हो रहा है।
-सुशील वर्मा, शिक्षक
कई घरों में जानकारी जुटाने के लिए तीन-चार बार जाना पड़ रहा है।
-सुनीता गुप्ता, शिक्षिका