उपहार सिनेमा कांड में गोपाल अंसल को कोई राहत नहीं
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अदालत ने वर्ष 1997 के उपहार केस से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ और पेश न होने पर सुशील अंसल व गोपाल अंसल के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। हाईकोर्ट ने इस केस की सुनवाई 15 जुलाई तक पूरी करने का निर्देश 6 दिसंबर 2018 को दिया था। यह मामला 2007 से निचली अदालत में था।
एफआईआर 2006 में नीलम कृष्णमूर्ति की शिकायत पर दर्ज की गई थी। पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम दीपक सेहरावत ने सुशील व गोपाल अंसल का गैरजमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 28 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया है।
गोपाल अंसल की ओर से वारंट रद्द करने के लिए अर्जी दायर की गई है। इस पर बुधवार को अदालत सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट ने यह निर्देश एसोसिएशन ऑफ विक्टिम ऑफ उपहार फायर ट्रेजेडी (अवूत) की याचिका पर सुनवाई के बाद अपने फैसले में कहा था कि यह मामला 2007 से लंबित है।
इसलिए केस की सुनवाई सप्ताह में तीन दिन की जाए और इसे 15 जुलाई तक पूरा किया जाए। हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नीलम कृष्णमूर्ति ने कहा था कि यह केस काफी पुराना है।
पुलिस ने फरवरी 2007 में पहली चार्जशीट और दो पूरक आरोप पत्र दाखिल किए थे। निचली अदालत ने आरोप तय किए थे, लेकिन इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर 31 मई 2014 को आरोप तय किए गए थे।