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UP: फर्जी रॉ अफसर ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार, जज भी न पहचान पाई असली चेहरा और कर ली शादी

Wed, 19 Nov 2025 11:07 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा

सार

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने देर रात ग्रेटर नोएडा में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को रॉ अधिकारी और कभी-कभी आर्मी मेजर के रूप में पेश करता था। 
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आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी एसटीएफ ने ग्रेटर नोएडा से फर्जी रॉ अधिकारी को गिरफ्तार किया है। बुधवार को गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनीत कुमार (37) के रूप में हुई है। वह ग्रेनो की पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे सोसाइटी में रहता था। एसटीएफ के मुताबिक वह कभी खुद को रॉ अधिकारी या सेना का मेजर या कर्नल बताकर किराये पर मकान लेता था। अलग-अलग अफसरों और लोगों को दबाव में लेकर काम कराता था। आरोपी के पास से रॉ व सेना के फर्जी आईडी कार्ड समेत बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। आरोपी की पत्नी बिहार के छपरा में न्यायिक मजिस्ट्रेट है।

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यूपी एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा ने बताया कि 18 नवंबर को एक व्यक्ति खुद को कभी मेजर और कभी रॉ अधिकारी बताकर अलग-अलग सोसाइटी में किराये पर मकान लेने की सूचना मिली थी। आरोपी सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र की पैरामाउंट गोल्फ फोरेस्टे सोसाइटी के फ्लैट नंबर 216 में रहता था। जहां से उसे हिरासत लिया गया। हिरासत में आरोपी जानकारी नहीं दे रहा था। उसके हाथ से पर्स छीनकर जांच की गई तो उसमें कई आईडी मिलीं। जिसके बाद आरोपी को एसटीएफ के कार्यालय लाकर पूछताछ की गई। रॉ और सेना के बारे में आरोपी पूछताछ करने पर फर्जीवाड़ा सामने आ गया। पूछताछ के बाद रात 8:20 बजे आरोपी सुनीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने रायपुर की कलिंगा विश्वविद्यालय से वर्ष 2012 में पोस्ट ग्रेजुएट किया था। यूपी एसटीएफ ने सूरजपुर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

कंपनी की वैल्यूशन बढ़ाकर आईपीओ लाना चाहता था
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सुनीत ने हप्पू मेंटल हेल्थ सर्विसेज, फेस्टम 24 टेक्नोलॉजी प्रा लि और लोकली टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनियां बनाई थीं। जिसमें आरोपी और उनकी मौसी की बहन डायरेक्टर हैं। वह कूटरचित दस्तावेज की मदद से बैंकों में खाते भी खुलवाता था। इनका प्रयोग हप्पू मेंटल हेल्थ सर्विसेज कंपनी में लेनदेन करने के लिए किया जा रहा था। जिससे कंपनी की वैल्यूएशन बढ़ाई जा सके। 10 माह में कंपनी में तीन करोड़ से अधिक का लेनदेन हुआ है। आरोपी कंपनी का वैल्यूएशन बढ़ाकर पब्लिक कंपनी के रूप में शेयर मार्केट में कंपनी को लिस्ट कराना चाहता था। वह आईपीओ के माध्यम से बड़ी मात्रा में धनराशि जुटाना चाहता था।

दो बैंक खातों में 81 लाख रुपये फ्रीज
अफसरों ने बताया कि आरोपी ने आरबीएल बैंक में अमित कुमार के नाम से खाता खुलवाया था। उसमें 40 लाख रुपये जमा है। वहीं कोटक महिंद्रा बैंक के खाते में 41 लाख रुपये मिले है। दोनों खातों की धनराशि को फ्रीज कर दिया गया है। आरोपी के अन्य खातों की जांच जारी है।

मेजर बताकर किराये पर लिया था मकान
आरोपी के पास से बी ब्लॉक गुलमोहर एस्टेट सेक्टर पाई वन के मकान नंबर एफएफ-288 का रेंट एग्रीमेंट मिला है। जो अमित और मंजू गुप्ता के बीच है। यूपी एसटीएफ ने मकान मालिक मंजू को फोन कर पता किया तो उन्होंने बताया कि उन्होंने मकान मेजर अमित कुमार को किराये पर दिया है। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के लेटरहेड पर पुलिस सत्यापन का पत्र दिया था। जो व्हाट्सएप पर दिया था।

फोन पर पत्नी ने कहा गृह मंत्रालय में हैं पति, झूठ बोलकर शादी की जांच शुरू
एसटीएफ ने आरोपी की पत्नी कुसुम के पास फोन कर जानकारी ली। कुसुम बिहार के छपरा में न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं। पत्नी ने फोन पर एसटीएफ को बताया कि पति गृह मंत्रालय में तैनात हैं और इस समय गोपनीय नियुक्ति पर है। एसटीएफ अधिकारी झूठ बोलकर शादी की आशंका जता रहा है। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।

आरोपी के पास से बरामद सामान
5 पैन कार्ड, 3 अलग-अलग नाम की वोटर आईडी कार्ड प्रतिलिपि, 2 फर्जी आईडी, 17 नामों के कूटरचित रेंट एग्रीमेंट, अलग-अलग बैंक की 20 चेकबुक, दिल्ली पुलिस का फर्जी सत्यापन पत्र, 8 क्रेडिट व डेबिट कार्ड, एक डायरी, 2 आधार कार्ड की प्रतिलिपि, दो कंपनी से संबंधी रजिस्ट्रेशन व आईटीआर संबंधी एक डायरी, 2 बैंक स्टेटमेंट, 3 लैपटॉप और 2 टैबलेट।
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दस्तावेज पर फोटो एक नाम अलग-अलग
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से फर्जी पैन और आधार कार्ड मिले हैं। पैन कार्ड पर सुनीत की तस्वीर लगी थी जिस पर जितेंद्र नाम लिखा था। इसके अलावा दीपक कुमार व अभिषेक शर्मा के नाम से भी पैन कार्ड मिले है। दोनों कार्ड पर सुनीत का लगा हुआ था। चुनाव आयोग का फाॅर्म 6 मिला है। जिस पर नाम अभिषेक और फोटो सुनीत का लगा था। अमित कुमार और दीपक चौहान के नाम से भी मतदाता पहचान पत्र मिले हैं। आरोपी के पास से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जमा किया गया फॉर्म मिला है। इस पर पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे सोसाइटी पते पर उसके फोटो के सामने अभिषेक शर्मा नाम लिखा है।
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