रोड़ी। गांव रोड़ी में शुक्रवार को 18 वर्षीय युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक पिछले लंबे समय से कई बीमारियों से पीड़ित चल रहा था। बताया जा रहा है कि युवक नशा तस्करी के धंधे में सक्रिय था और धीरे-धीरे खुद भी नशे का शिकार बन गया था। युवक के परिवार में तीन भाई और दो बहनें हैं।
इनमें से एक बहन की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दूसरी की शादी हो चुकी है। मृतक अपने भाइयों में बीच वाला था। नशे की लत ने उसकी जिंदगी तबाह कर दी थी। बीते कुछ सालों से वह नशे का आदी हो चुका था और स्वास्थ्य तेजी से गिरता जा रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, उसे टीबी समेत कई गंभीर बीमारियां थीं।
पिछले दिनों युवक के पड़ोस में भी नशे ने दो जिंदगी छीन लीं थी। उक्त युवक का घर पूर्व सांसद के घर के सामने है। नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि युवक के खिलाफ रोड़ी थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज थे। वह कुछ समय जेल में भी रह चुका था। जेल से लौटने के बाद भी उसने नशा नहीं छोड़ा और धीरे-धीरे बीमारी ने उसकी हालत बिगाड़ दी। शुक्रवार सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और दोपहर तक उसने दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि युवक की मौत के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना देना जरूरी नहीं समझा। दोपहर बाद परिजनों ने जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि युवक की मौत नशे की वजह से हुई है। वहीं पुलिस का कहना है कि उनके पास इस प्रकार की कोई सूचना नहीं आई है।
डीआईजी ने मनोरोग व नशा मुक्ति केंद्र को दी क्लीन चिट
वहीं दूसरी और शुक्रवार देर रात हरियाणा स्टेट क्राइम ब्रांच के डीआईजी हमीद अख्तर ने रोड़ी स्थित रोड़ी मनोरोग व नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण किया था। केंद्र में कोई भी डिग्री धारक डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों की देखरेख ऐसे युवा कर रहे थे जो खुद पहले नशा छोड़ चुके हैं। केंद्र में फिलहाल 15 से 20 मरीज भर्ती हैं। लेकिन जाते समय डीआईजी अख्तर की ओर से नशा मुक्ति केंद्र की सराहना करते हुए क्लीन चिट दे दी गई।