आप बनाएं उत्पाद और सरकार करेगी ब्रांडिंग
नोएडा। ‘अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पादों की ब्रांडिंग करने के लिए सरकार तैयार है, लेकिन इसके लिए उद्यमियों को एक साथ आना होगा। जिस जिले के उत्पाद की जो पहचान है, उसे एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाई जाएगी। फिरोजाबाद के कांच उद्योग ने इसकी पहल करते हुए सरकार के साथ कदमताल मिलाना शुरू कर दिया है।’ शुक्रवार को सेक्टर-62 स्थित एक्सपो सेंटर में उद्यम समागम एवं प्रदर्शनी के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सबसे बड़ी जरूरत बाजार को बढ़ाने की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुकाबला तब ही कर पाएंगे जब हमारे पास नई तकनीकी, प्रोफेशनल और आधुनिक मशीनें हाेंगी। इसके लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाए जाएंगे, जहां उत्पाद की डिजाइनिंग और उसकी पैकेजिंग का स्तर सुधारने का काम भी किया जाएगा। फिरोजाबाद के कांच उद्योग से जुड़े उद्यमियों ने अपनी बात रखी तो सरकार ने 20 एकड़ जमीन पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने की योजना पर काम शुरू कर दिया। गौतबुद्धनगर की पहचान परिधान उद्योग है। ऐसे में यमुना एक्सप्रेसवे के पास कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित करने की योजना है। इसके अलावा किसी अन्य उत्पाद से जुड़े उद्यमी समूह बनाकर अपना प्रस्ताव देते हैं तो सरकार पूरी मदद करेगी। गांव अगर मजबूत नहीं होंगे तो देश कभी आर्थिक तरक्की नहीं कर सकता, क्योंकि भारत की 70 प्रतिशत आबादी गांव में बसती है। ऐसे में रोजगार के अवसर पैदा करने होंगे। गांव की खरीदारी क्षमता बढ़ानी होगी। देश में मंदी का असर है, लेकिन इससे मिलकर निपटना होगा। छह महीने या सालभर में स्थिति ठीक हो जाएगी। वहीं, आईआईए सचिव राजीव बंसल ने ओडीओपी योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी जिले में आयोजित करने की मांग उठाई। एमएसएमई इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र नाहटा ने सिंगल यूज प्लास्टिक और जनरेटर पर प्रतिबंध से उद्योगों पर पड़ रहे असर का मुद्दा उठाया। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त अनिल कुमार व आईआईए नोएडा चेप्टर के चेयरमैन कुलमणि गुप्ता ने सफल आयोजन के लिए उद्यमियों का धन्यवाद किया।
ओडीओपी से 8.50 लोगों को रोजगार
एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि यूपी इंवेस्टर्स समिट की ग्रांड ब्रेकिंग सेरेमनी में 1.15 लाख करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। दिसंबर में आयोजित होने जा रही सेरेमनी में यह आंकड़ा 2 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा। इससे यूपी में 18 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, एक साल में ओडीओपी योजना के तहत 3800 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। अकेले इससे ही 8.50 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। थाईलैंड के ओटीओपी (वन तंबोल वन प्रोडक्ट) की तर्ज पर यूपी में ओडीओपी योजना लागू की गई है।
लखनऊ में बनेगा डिजाइन इंस्टीट्यूट
साल 2004 प्रदेश में यूपी डिजाइन इंस्टीट्यूट बनाने का प्रस्ताव फाइलों में धूल फांक रहा था। जिसे रफ्तार मिल गई है। देश में दो ही इस तरह के संस्थान हैं। एक अहमदाबाद में है और दूसरा गुजरात में है। तीसरा और सबसे बेहतर संस्थान लखनऊ में बनाया जाएगा। इसमें कोई सरकारी मुलाजिम नहीं होगा।
पैकेजिंग प्लांट के लिए सरकार देगी मदद
उद्यमियों ने 50 माइक्रोन से कम क्षमता की पॉलिथीन पर प्रतिबंध से उद्योगों पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठाया। मांग उठाई गई कि कम से कम गारमेंट उद्योगों को 30 माइक्रोन की पॉलिथीन के प्रयोग की छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि ज्यादातर प्रोडक्ट विदेशों में जाते हैं। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियम सबके लिए बराबर हैं। इस संकट से निपटने के लिए यदि क्षमता के हिसाब से पैकेजिंग का प्लांट लगाना चाहता है तो सरकार की तरफ से नियमानुसार सब्सिडी भी दी जाएगी।
कोई प्रतिबंध नहीं, उद्यमी न घबराएं
जनरेट पर प्रतिबंध की खबरों के बीच उद्योग जगत में बनी असमंजस की स्थिति के बीच कैबिनेट मंत्री ने उद्यमियों को राहतभरा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनरेटरों को इतनी जल्दी नहीं हटा दिया जाएगा। उद्योगों के लिए बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उद्यमियों को घबराने की जरूरत नहीं है। दशकों पुराने जर्जर बिजली तंत्र से ट्रिपिंग की समस्या बन रही है। इसेे सुधारने में थोड़ा समय तो लगेगा।