सीईओ के निर्देश पर शुरू हुई कवायद, बढ़ेगी रिहाइश और सुविधाएं
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टरों में रिहाइश बढ़ाने और उद्योगों के आसपास आवासीय सुविधाएं विकसित करने के लिए यमुना प्राधिकरण ने आबादी भूखंडों का विकास शुरू करा दिया है। शुरुआती चरण में रामपुर बांगर और चांदपुर को प्राथमिकता दी गई है।
फेज-1 के गांवों में स्कूल, श्मशान की बाउंड्रीवाल, स्वास्थ्य केंद्रों के सुधार और स्ट्रीटलाइट लगाने जैसे कार्य भी शुरू किए जा रहे हैं। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आबादी भूखंडों का विकास तेजी से कराया जाए ताकि काश्तकारों को भूखंडों पर कब्जा मिल सके और निर्माण कार्य शुरू हो सके। इससे उद्योग क्षेत्र के आसपास रिहाइश बढ़ेगी।
यमुना सिटी की सात प्रतिशत आबादी क्षेत्र में कुल 6260 भूखंड आरक्षित हैं, जिनमें से 4171 का नियोजन पूरा हो चुका है लेकिन कई जगह विकास कार्य लंबित हैं। हाल ही में बोर्ड बैठक में भी यह मुद्दा उठाया गया था।
प्राधिकरण के अनुसार, रामपुर बांगर में 16.20 करोड़ रुपये और चांदपुर में 6.08 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए जाएंगे। रामपुर बांगर में 169 और चांदपुर में 176 भूखंड आरक्षित हैं। सीईओ के आदेश पर दोनों स्थानों पर एक वर्ष में काम पूरा करने की योजना है। इसके अलावा, लेखपाल-तहसीलदार की अगुआई में बनी ग्राम्य समितियों से यह सुझाव भी लिए जा रहे हैं कि प्राथमिकता से कौन-कौन से कार्य कराए जाएं।
20 करोड़ से बनेगा कन्वेंशन सेंटर
मेडिकल डिवाइस पार्क में उद्यमियों की बैठक और कार्यशालाओं के लिए यमुना प्राधिकरण 20 करोड़ रुपये की लागत से एक कन्वेंशन सेंटर बनाएगा। इसमें प्रदर्शनी हॉल भी शामिल होगा। निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा और एक वर्ष में परियोजना पूरी करने की तैयारी है।