फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यीडा बनाएगा उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क

विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश का पहला और उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क यमुना प्राधिकरण (यीडा) खुद बनाने जा रहा है। प्राधिकरण ने इसके लिए सेक्टर-28 में 350 एकड़ जमीन तय कर दी है। मेडिकल उपकरण बनाने वाली इकाइयों के लिए प्लॉट व निर्मित शेड की योजना बहुत जल्द आने वाली है। उद्यमी इन शेड्स में शीघ्र इकाई लगाकर मेडिकल उपकरणों का उत्पादन कर सकेंगे। इससे कम समय में निवेश के साथ ही रोजगार के हजारों अवसर युवाओं को मिल सकेंगे।
विज्ञापन

आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकारों का स्वदेशी उत्पादों पर अधिक जोर है। कोरोना की वजह से मेडिकल उपकरणों में आत्मनिर्भर बनने की बड़ी सीख मिली है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने यीडा सिटी एरिया में मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों के लिए एक मंच तैयार करने को कहा है। हाल ही में यीडा दफ्तर आए औद्योगिक विकास आयुक्त व प्रदेश सरकार की तरफ से तैनात फार्मा एडवाइजर ने भी मेडिकल डिवाइस पार्क की योजना शीघ्र लाने के निर्देश दिए हैं। इसे देखते हुए यमुना प्राधिकरण सेक्टर-28 में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाने जा रहा है।
पहले चरण में 125 एकड़ में शेड बनाकर उद्योगों को आवंटित किए जाएंगे। दूसरे चरण में 225 एकड़ में यही योजना आएगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला मेडिकल डिवाइस पार्क है। यह मूर्त रूप में आता है तो उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेडिकल डिवाइस पार्क होगा। पहली बार प्रदेश में उद्योगों के लिए तैयार शेड आवंटित करने का श्रेय भी यमुना प्राधिकरण को मिल सकता है। इससे कम समय में उद्योग लग सकेंगे। इनकी लागत भी कम आएगी। जमीन खरीदने में पूंजी नहीं लगानी पड़ेगी। बने शेड मिलने से कम समय में उद्योग शुरू हो सकेंगे। इससे निवेश और रोजगार भी जल्द मिलेगा। मेडिकल डिवाइस पार्क में फिलहाल 100 के करीब शेड तैयार किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो दूसरे चरण के शेड भी जल्द बनाए जाएंगे। ये शेड 90 साल की लीज पर आवंटित होंगे।
विज्ञापन

भारत सरकार से अनुदान का इंतजार
बीते साल भारत सरकार की तरफ से मेडिकल डिवाइस पार्क व बल्क ड्रग्स पार्क बनाने के लिए सभी राज्यों से प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रदेश सरकार ने यीडा की जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव मंगवाया। बीते साल अक्तूबर में ही उसे केंद्र के पास भेज दिया गया। अब तक उस पर निर्णय नहीं हो सका। अगर भारत सरकार यीडा के मेडिकल पार्क पर सहमति दे देती है तो इसे विकसित करने में 100 करोड़ रुपये का अनुदान भी देगी।
विशाखापत्तनम से लेंगे शेड की सीख
विशाखापत्तनम में मेडिकल डिवाइस पार्क बने हैं। यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह व दोनों एसीईओ रविंदर सिंह व मोनिका रानी विशाखापत्तनम भी गए थे। वहां का अध्ययन कर रिपोर्ट भी दे चुके हैं। मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियों की जरूरत के हिसाब से शेड तैयार किए जाएंगे। इनकी कीमत जमीन और निर्माण खर्च को जोड़कर तय होगी।
18 हजार करोड़ का निवेश, 35 हजार रोजगार
मेडिकल डिवाइस पार्क में देसी-विदेशी कंपनियों को जमीन आवंटित की जाएगी। इससे करीब 18 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 35 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का आकलन है। अब तक देश में कुल जरूरत के अनुसार सिर्फ 20 फीसदी दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन हो रहा है। मेडिकल क्षेत्र में चीन हमसे काफी आगे है, लेकिन कोरोना के कारण उसकी छवि बहुत खराब हुई है। तमाम विदेशी कंपनियां चीन के बजाय अब भारत में निवेश करना चाहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें