नोएडा एयरपोर्ट के पास बसेगी यीडा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी
- इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च को भी शोध के लिए सेक्टर-9 में मिलेगी 30 एकड़ जमीन
- किसानों को भी सालों तक नहीं करना होगा इंतजार, एक सप्ताह में मिलेगा भूखंड का आरक्षण पत्र
- प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के पास इंडस्टि्रयल नोड को भी मिली मंजूरी
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। चीन के यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी के तर्ज पर नोएडा एयरपोर्ट के पास यीडा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी बनेगा। यहां उद्यमी अपने उत्पादों का थोक मार्केट के जरिए सीधे बाहरी ग्राहकों को बेच सकेंगे। साथ ही प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के पास इंडस्ट्रियल नोड के विकास की योजना को भी मंजूरी मिल गई है।
बुधवार को यमुना प्राधिकरण में अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार की अध्यक्षता में रही 91वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सीईओ राकेश कुमार सिंह के प्रस्ताव पर बोर्ड ने यीडा इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी। इससे पहले रहे एक प्रजेंटेशन में सीईओ ने बताया कि अलग-अलग सेक्टर के लिए बहुमंजिला थोक मार्केट इसमें बनाए जाएंगे। यहां से सीधे माल की बुकिंग कर खरीदार अपने गंतत्व को जा सकते हैं। इसके बाद तयशुदा व्यवस्था में खरीदे गए माल को एक कंटेनर में लोड कर ग्राहक के यहां एयरपोर्ट की कार्गो सेवा का उपयोग कर भेज दिया जाएगा।
प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे के पास इंडस्टि्रयल नोड के विकास की जरूरत को भी बोर्ड को बताया गया। 8000 एकड़ में विकसित होने वाले इस इंडस्ट्रियल नोड की महायोजना बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इससे यमुना सिटी फेज-1 और टप्पल बाजना अर्बन सेंटर के बीच मौजूद जमीन का उपयोग हो सकेगा।
यहां बोर्ड ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को सेक्टर-9 में 30 एकड़ जमीन दिए जाने के लिए मंजूरी दी है। इस जगह का उपयोग सरकारी संस्था आईसीएमआर उन्नत अनुसंधान सुविधाएं स्थापित करने के लिए करेगा।
पिछले साल की तुलना में बढ़ी आय
प्राधिकरण ने बोर्ड को बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 30 जून 2026 तक कुल जमा 1,371.75 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष में इस समय तक की तुलना में 114.33 प्रतिशत अधिक है। वहीं, खर्च भी दो गुना से अधिक रहा। इसकी वजह 1,741.40 करोड़ रुपये के बजट का उपयोग विशेष रूप से भूमि खरीद के लिए किया जाना है।
एक महीने में 15 उद्योग में उत्पादन शुरू
बोर्ड को बताया गया, एक महीने में उद्योग 63 लीज डीड की गई हैं। वहीं 118 भूखंड पर कब्जे दिए गए जिससे निर्माण शुरू हों। 62 लेआउट मानचित्रों को मंजूरी दी गई है। 84 नए निर्माण भी इस बीच शुरू कराए गए हैं। इस बीच 15 उद्योगों को फंक्शनल बनाते हुए उत्पादन शुरू कर दिए गए हैं। इनमें से 12 उद्योगों ने कारखाना अधिनियम के तहत पंजीकरण भी कराया है। होटल की योजनाओं में नोएडा प्राधिकरण की तरह ही अनुकूल नियमों और शर्तों को शामिल किया जाएगा। रियल एस्टेट परियोजनाओं में लंबित समाधानों को सुव्यवस्थित करने के लिए लीगेसी स्टॉल्ड प्रोजेक्टों की भी समीक्षा बोर्ड ने की।
आग से बचाव के लिए खर्च होंगे 50 करोड़
बहुमंजिला इमारतों में आगजनी से सुरक्षा के लिए यमुना प्राधिकरण अब जरूरी उपकरणों की खरीद करेगा। नोएडा और प्राधिकरण की तरह यहां भी हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की खरीद की जानी है। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। हाइड्रोजन और ई-बसों के संचालन की प्रक्रिया को भी बोर्ड से मंजूरी देते हुए सार्वजनिक परिवहन के विकल्पों को तेजी से बढ़ाने के लिए कहा गया है। नोएडा एयरपोर्ट भी अब अपने कूड़े का निस्तारण कर सकेगा। इसके लिए धनौरी वैटलेंड के पास प्राधिकरण 200 मीटर जमीन यापल को देगा।