यमुना का जल स्तर घटा, खतरा बरकरार
-यमुना की बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया, जानवरों को बचाने का काम जारी
-पानी का बहाव भी घटकर 3.19 लाख क्यूसेक पहुंचा, शुक्रवार को था 3.65 लाख क्यूसेक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना नदी का जल स्तर शनिवार को घटा है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। प्रशासन और पुलिस एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व पीएसी के साथ मुस्तैद है। ओखला बैराज पर पानी का बहाव घटकर 3.19 लाख क्यूसेक पहुंच गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन नोएडा के सेक्टर-135 व आसपास के क्षेत्र में अभी भी काफी जानवर पानी में फंसे हैं। उनकों निकालने का काम जारी है।
यमुना नदी की बाढ़ से नोएडा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। वहां डूब क्षेत्र में बने अवैध फार्महाउस में सैकड़ों लोग फंस गए थे। प्रशासनिक अफसरों ने बताया कि डूब क्षेत्र में बनी सभी सरकारी गोशाला के पशुओं को निकाल लिया गया है। अन्य गोशालाओं में अभी भी कुछ पशु फंसे है। उन्हें भी निकालने का प्रयास चल रहा है। साथ ही कई पशुओं को वहीं पर खाना उपलब्ध कराया जाएगा। अफसरों ने बताया कि 67 गांव और सेक्टरों में बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 8710 पहुंच गई है। जबकि अब तक 4748 लोगों को विस्थापित किया जा चुका है। वहीं बाढ़ के कारण 5964 पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। उधर दोपहर बाद जल स्तर कम होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। अफसरों ने बताया कि ओखला बैराज के डाउनस्ट्रीम में खतरे का जल स्तर 200.600 मीटर है। शुक्रवार को यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं, लेकिन शनिवार को जल स्तर घटकर 200.00 मीटर हो गया। अफसरों का कहना है कि अनुमान है कि जल स्तर में गिरावट आएगी, लेकिन अगर बारिश होती है तो फिर से जल स्तर बढ़ सकता है। अफसरों ने बताया कि जिले में 1590 हेक्टेयर क्षेत्रफल बाढ़ से प्रभावित है।
यमुना और हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को चेतावनी जारी की जा चुकी है। उनको सुरक्षित स्थान पर पहुंचना होगा। इस संबंध में संबंधित एसडीएम को भी निर्देशित किया गया है। हिंडन के जल स्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
अतुल कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)