डूब क्षेत्र में बाढ़ के हालात, कई जगह पुश्ते तक पहुंचा पानी, प्रशासन ने लोगों को किया अलर्ट
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12 बाढ़ चौकियां सक्रिय कीं
198.55 मीटर दर्ज जलस्तर
200.60 खतरे का निशान
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
जिले में यमुना का पानी मंगलवार शाम को तटबंध तक पहुंच गया। कई जगह 5 से 10 फीट तक पानी बढ़ गया है। इससे नोएडा से लेकर जेवर तक हजारों बीघा जमीन पर खड़ी फसल डूब गई है। सेक्टर-150 व अन्य जगहों पर फार्महाउसों में पानी भर गया है। ऐसे में वहां रहने वाले मजदूरों और अन्य लोगों ने सामान लेकर पुश्ते पर डेरा डाल दिया है। वहीं, तहसील के साथ एनडीआरएफ टीम को अलर्ट किया गया है। तीनों तहसील की टीमें लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रही हैं। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
दरअसल, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ने से दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को छू गया है। इस कारण ओखला बैराज से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में जिले में यमुना का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इससे डूब क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। डूब क्षेत्र की फसलें डूब गईं हैं और कई फार्महाउसों में भी पानी घुस गया है। सेक्टर-150 में 10 से अधिक फार्महाउसों में पानी घुस गया है। पानी बढ़ने पर तीनों तहसीलों की टीमें यमुना के साथ-साथ हिंडन और अन्य नालों पर भी नजर रखी जा रही है, ताकि यमुना के कारण हिंडन और नालों से शहर में पानी को आने से रोका जा सके। सभी 12 बाढ़ चौकियों को सक्रिय किया गया है।
खतरे के निशान से करीब दो मीटर नीचे जलस्तर
अफसरों ने बताया कि यमुना का जलस्तर अभी खतरे के निशान से दो मीटर नीचे हैं। मंगलवार सुबह ओखला बैराज पर जलस्तर 198.65 मीटर था। इस दौरान 91212 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। शाम छह बजे जलस्तर 198.55 मीटर दर्ज किया गया। इस दौरान 81672 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। खतरे का निशान 200.60 मीटर है। वहीं, हिंडन का जलस्तर 198.75 मीटर है जबकि खतरे का निशान 202.50 मीटर है।
यमुना का जल स्तर बढ़ा हैं लेकिन अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। फिर भी एहतियात के तौर पर सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी जरूरी सामान की व्यवस्था की गई है। तहसील टीमों को अलर्ट किया गया है। डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी सतर्क किया जा रहा है। अगर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जाता है तो लोगों को बाहर निकाला जाएगा। फिलहाल स्थिति सामान्य है। -
मेधा रूपम, जिलाधिकारी