दस्तावेजों के मुताबिक, बस का फाइनेंस एचडीएफसी बैंक की ओर से किया गया था। इस बीमा की वैधता आगामी 14 मार्च 2027 तक थी और इसका ग्रॉस प्रीमियम 98,649 रुपये भुगतान योग्य दर्शाया गया है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानतपुर गांव के पास भीषण अग्निकांड का शिकार हुई राज कल्पना ट्रेवल्स की बस को लेकर अहम खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस बस का बीमा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था, जिसका कॉरपोरेट पता नई दिल्ली के साकेत क्षेत्र का है। वहीं, बीमा पॉलिसी के दस्तावेजों में बस संचालक राज कल्पना की ओर से नई दिल्ली के गोल मार्केट का पता दर्ज कराया गया है।
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दस्तावेजों के मुताबिक, बस का फाइनेंस एचडीएफसी बैंक की ओर से किया गया था। इस बीमा की वैधता आगामी 14 मार्च 2027 तक थी और इसका ग्रॉस प्रीमियम 98,649 रुपये भुगतान योग्य दर्शाया गया है। हादसे का शिकार हुई बस की संख्या BR32PA8647 है। बीमा रसीद और तकनीकी विवरण के अनुसार, इस बस का निर्माण वर्ष (मैन्युफैक्चरिंग ईयर) 2022 दर्ज है, जबकि इसका चेसिस नंबर MC2R6SRT0NL085703 है।
दर्दनाक हादसे के बाद अब बीमा कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों और पुलिस की संयुक्त टीमें दस्तावेजों की सत्यता की बारीकी से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बस के संचालन, पंजीकरण और सुरक्षा मानकों में नियमों का किस हद तक पालन किया गया था। हादसे के बाद से ट्रांसपोर्ट विभाग और इंश्योरेंस कंपनियों के स्तर पर भी कागजों का मिलान किया जा रहा है ताकि इस भीषण दुर्घटना से जुड़े हर पहलू से पर्दा उठाया जा सके।
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बीमा की शर्तें नहीं हुई पूरी तो नहीं मिलेगा रुपया
बस का बीमा करने वाले एक कर्मी ने बताया कि जांच के दौरान अगर बस की मानक बीमा की शर्तें पूरी नहीं कर पाएगी, तो बीमा कंपनियों की ओर से एक भी रुपये नहीं मिलेगा। बीमा कर्मी ने बताया कि फिलहाल बस की टीम की ओर से जांच की जा रही है।