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Noida News: यमुना सिटी बनेगी सेमीकंडक्टर हब

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-एचसीएल-फॉक्सकॉन को केंद्र से मिली मंजूरी
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- एयरपोर्ट के पास लगेगी देश की छठी यूनिट
-चार और कंपनियों के प्रस्ताव शासन के पास
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश अब सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। यमुना सिटी क्षेत्र में देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह यूनिट एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-28 में 48 एकड़ भूमि पर स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही चार अन्य कंपनियों ने भी अपनी-अपनी सेमीकंडक्टर यूनिट के लिए आवेदन किया है, जो मंजूरी की प्रतीक्षा में हैं। इन सभी परियोजनाओं के शुरू होने से यह क्षेत्र राज्य का आर्थिक ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है।
यमुना सिटी अब केवल एक विकसित होते औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश का सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। यह न केवल प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलेगा, बल्कि भारत को तकनीकी दृष्टि से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास उत्तर प्रदेश का पहला सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें निवेश के लिए देश-विदेश की नामी कंपनियों ने रुचि दिखाई है।
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दरअसल, सेमीकंडक्टर चिप्स आधुनिक तकनीक की रीढ़ मानी जाती हैं। ये वाहन, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्ट उपकरणों आदि में प्रयुक्त होती हैं। वर्तमान में भारत को अधिकांश चिप्स विदेशों से आयात करनी पड़ती हैं। इस परियोजना से भारत को न केवल तकनीकी आत्मनिर्भरता मिलेगी, बल्कि चिप्स की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी देश की भागीदारी मजबूत होगी।




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भारी निवेश और रोजगार की संभावनाएं

सेमीकंडक्टर परियोजनाओं में प्रत्येक कंपनी को न्यूनतम 80 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश करना होगा। इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन इकाइयों में बैटरी और अडॉप्टर में लगने वाली माइक्रोचिप्स तैयार की जाएंगी, जिससे ऑटोमोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उद्योग को भी बड़ा बल मिलेगा।




एफडीआई के तहत मिलेंगी विशेष रियायतें

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए आकर्षक रियायतें घोषित की हैं। इसमें भूमि पर 75 फीसदी सब्सिडी, 100 करोड़ रुपये तक पूंजी सब्सिडी, अनुसंधान एवं विकास पर 2 करोड़ की सहायता, 10 वर्षों तक पीएफ व अन्य करों में छूट, शत-प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी गई है।


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एक नजर में सेमीकंडक्टर
सेमीकंडक्टर एक विशेष प्रकार की सिलिकॉन चिप होती है, जो किसी भी डिवाइस के कंट्रोलिंग और मेमोरी फंक्शन को संचालित करती है। कंप्यूटर, स्मार्टफोन, गाड़ियों, स्मार्ट टीवी, माइक्रोवेव तक में इसका इस्तेमाल होता है। हालिया वर्षों में रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इनकी वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे वाहनों की डिलीवरी और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतें भी बढ़ीं। भारत में इनका निर्माण होने से यह संकट काफी हद तक टल सकता है।


आवेदन करने वाली कंपनियां
कंपनी का नाम
मांगी गई भूमि
यूनिट स्थान
वामा सुंदरी (एचसीएल-फॉक्सकॉन)
48 एकड़ सेक्टर-28
टार्क कंपनी
125 एकड़ सेक्टर-10
भारत सेमी सिस्टम
50 एकड़ सेक्टर-10
कीन्स सेमीकॉन प्रा. लि.
50 एकड़ सेक्टर-10
एडिटेक सेमीकंडक्टर 100 एकड़ सेक्टर-10

नोटइन सभी प्रस्तावों में से केवल एचसीएल-फॉक्सकॉन को ही केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है, बाकी कंपनियां राज्य सरकार से अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रही हैं।
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वर्जन
यमुना सिटी क्षेत्र में देश की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। सेमीकंडक्टर से क्षेत्र में करोड़ों का निवेश व रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही चिप के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।
– डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, यमुना प्राधिकरण
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