नोएडा। यमुना प्राधिकरण की 73वीं बोर्ड बैठक मंगलवार को हुई। इसमें प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद कुमार की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए। इस बार प्राधिकरण ने जेवर से लेकर मथुरा तक यमुना सिटी के विकास का खाका तैयार किया है। बजट को 3406 करोड़ से बढ़ाकर 4528 करोड़ किया गया है। बैठक में मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी दी गई। अब इसका ड्राफ्ट तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट और शहर के बीच मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, पांच पार्क विकसित किए जाएंगे। किसानों का 6 फीसदी मुआवजा बढ़ाया गया है। आवंटियों को राहत देते हुए छह माह में लीज डीड कराने व प्लॉट पर मकान बनाने की मोहलत दी गई है। इसके अलावा बेटे की तरह बेटियों को भी आबादियों में अब परिवार का हिस्सा माना जाएगा। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन सिटी तक 75 मीटर चौड़ी सड़क बनाकर बांके बिहारी व अन्य धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरूणवीर सिंह ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 583 करोड़ रुपये बजट से 453 एकड़ जमीन खरीदने पर खर्च किए गए थे। इस बार परियोजनाओं के लिए 1200 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में तीन गुना बजट बढ़ाते हुए 1535 करोड़ रुपये किया गया है।
ग्रामीण विकास पर खर्च होंगे 157 करोड़ रुपये
यमुना प्राधिकरण ने इस बार गांवों के विकास पर खास जोर देगा। स्मार्ट विलेज के लिए 76.98 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सभी गांवों के विकास के लिए 157 करोड़ रुपये बोर्ड ने मंजूर किए हैं। गांवों में सड़क, सीवर, बिजली, पेयजल, नाली सहित अन्य नागरिक सुविधाओं पर यह बजट खर्च किया जाएगा।
विकास और निर्माण कार्य का बजट 5 गुना बढ़ाया
बजट में विकास और निर्माण कार्यों के लिए 1,101 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछली बार यह धनराशि केवल 275 करोड़ रुपये थी। रिशेड्यूलमेंट नीति से आवंटी अपनी बकाया राशि को तीन किस्तों में जमा करा सकेंगे। इसमें हर तरह के 44 हजार आवंटियों को लाभ मिलेगा। वहीं, औद्योगिक, संस्थागत व आईटी के भूखंडों का आवंटन ई-नीलामी से किया जाएगा।
एयरपोर्ट, मेट्रो और पॉड टैक्सी को मिले 705 करोड़
यमुना प्राधिकरण की एयरपोर्ट में 12.5 फीसदी की हिस्सेदारी है। इसके लिए 405 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। एयरपोर्ट के चारों ओर 75 मीटर चौड़ी सड़कें बनाकर अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। देश का सबसे बड़ा नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने का काम करेगा। एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो, पॉड टैक्सी और अन्य कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। इसमें एयरपोर्ट और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी पर प्राधिकरण 705 करोड रुपये खर्च करेगा।