म्यूनिसिपल और इंफ्रास्ट्रक्चर बांड से होगा यमुना सिटी का विकास
नोएडा। यमुना प्राधिकरण मास्टर प्लान-2041 और यमुना सिटी को विकसित करने के लिए म्यूनिसिपल और इंफ्रास्ट्रक्चर बांड लाएगा। प्राधिकरण कंपनियों और दूसरे लोगों को बांड देगा और एवज में पैसा लेकर यमुना सिटी का विकास करेगा। विकसित होने के बाद जो आमदनी होगी, उससे बांड वापस लेकर कंपनियों का पैसा शर्त के अनुसार लौटाना शुरू कर देगा। बोर्ड बैठक में बांड लाने पर सहमति बन गई है। इससे पहले लखनऊ और गाजियाबाद में म्यूनिसिपल बांड लाकर शहरों का विकास किया जा चुका है। इससे प्राधिकरण का पैसा भी खर्च नहीं होगा और विकास भी हो जाएगा। बोर्ड बैठक में यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेनो प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, एसीईओ मोनिका रानी, एसीईओ रविंद्र कुमार, एसीईओ ओएसडी शैलेंद्र भाटिया आदि समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
यूरोप की तर्ज पर एक स्थान पर मिलेंगी सभी सुविधाएं
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में मंगलवार को मास्टर प्लान-2041 को मंजूरी दी गई। अब इस प्रस्ताव को शासन के समक्ष भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद यूरोप की तर्ज पर विकास कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। एक ही स्थान पर कई सुविधाएं लोगों को मिलेंगी। प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरूणवीर सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान-2041 को करीब 1200 हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाएगा। 2041 तक यमुना सिटी की आबादी 41.70 लाख के करीब होगी। ऐसे में यहां पर 8 लाख घरों की जरूरत पड़ेगी। इसके अलावा मास्टर प्लान में मिश्रित भू-उपयोग की योजना पर काम किया जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में श्रमिक झुग्गी की बजाय घरों में रहेंगे। मिश्रित भूमि में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक व शिक्षण क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। साथ ही, वेयर हाउसिंग को भी विकसित किया जाएगा। मास्टर प्लान में फ्रेट कॉरिडोर, पॉड टैक्सी, सिटी बस, ऑटो स्टैंड, रिक्शा स्टैंड, डिपो आदि की पूरी व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा ऑन स्ट्रीट और ऑफ स्ट्रीट पार्किंग की भी सुविधा मिलेगी।