किसानों को भूखंड देकर बसावट बढ़ाएगा यमुना प्राधिकरण
-29 गांवों के किसानों को दिए जाएंगे, आधे हिस्से पर कर करेंगे व्यवसायिक गतिविधियां
-अब तक 8 गांवों के 798 किसानों को दिए जा चुके हैं आबादी भूखंड
सीएल मौर्य
ग्रेटर नोएडा। यीडा सिटी में निवेश करने के लिए आज देश- विदेश की कंपनियां भले ही आगे आ रही हों, मगर प्राधिकरण को विकास और बसावट की रोशनी किसानों को मिलने वाले विकसित आबादी भूखंडों से भी दिख रही है। इन भूखंडों पर किसान 50 फीसदी हिस्से पर व्यावसायिक गतिविधियां कर सकेंगे। अब यमुना प्राधिकरण आबादी भूखंडों के आवंटन को लेकर गंभीर हो गया है। आगामी कुछ महीनों में भूखंड देने की योजना बनाई जा रही है। फिलहाल अब तक 8 गांवों के 790 किसानों को आबादी भूखंड दिए भी जा चुके हैं। ताकि बसावट और विकास दिखना शुरू हो सके।
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 7 फीसदी विकसित आबादी भूखंड देने का प्रावधान है। उक्त भूखंड के 50 फीसदी हिस्से पर किसान व्यावसायिक गतिविधियों को भी अंजाम दे सकते हैं। प्राधिकरण अधिकारियों को उम्मीद है कि इससे यीडा सिटी में न सिर्फ बसावट बढ़ेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से चहल पहल भी होगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर से उड़ान सेवा शुरू होने का समय नजदीक आ रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में कई औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। वर्तमान में 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का निर्माण कार्य चल रहा है।
10 फीसदी आबादी भूखंड देने की योजना बना रहा प्राधिकरण
यमुना प्राधिकरण जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को अब 7 के बजाय 10 फीसदी विकसित भूखंड देने की योजना बना रहा है। इससे संबंधित प्रस्ताव आगामी 29 जनवरी को होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। यदि बोर्ड की मुहर लग जाती है, तो किसनों की बल्ले - बल्ले हो जाएगी।
इन गांवों को होगा फायदा-
यीडा सिटी के अंर्तगत आने वाले निलौनी शाहपुर, बल्लूखेड़ा, रौनीजा, दनकौर ,आछेपुर, रुस्तमपुर आदि गांवों को सबसे पहले शहरी क्षेत्र का लाभ मिलेगा। यहां व्वावसायिक गतिविधियों के साथ किरायेदारी भी बढ़ेगी।
जमीन अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों को जल्द से जल्द आबादी भूखंड का लाभ मिल सके इसकी योजना बनाई जा रही है। आबादी भूखंडों की वजह से शहर में गतिविधियां बढ़ेंगी।
डॉ. विपिन जैन, एसीईओ यमुना प्राधिकरण।