नोएडा (संवाद)। सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई में रक्तस्राव विकारों की जांच विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला हुई। इसमें देश के 30 मेडिकल कॉलेजों के प्रतिभागी शामिल हुए। एम्स, नई दिल्ली के डॉ. मुकुल अग्रवाल ने रक्त का थक्का बनने की प्रक्रिया और मरीज के लक्षणों के आधार पर जांच के महत्व की जानकारी दी। एसजीपीजीआई, लखनऊ के डॉ. दिनेश चंद्रा ने हीमोफीलिया और प्लेटलेट संबंधी बीमारियों की पहचान के तरीके बताए। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. सावित्री सिंह ने रक्त के नमूने एकत्र करने और सुरक्षित रखने में सावधानियों की जानकारी दी। संस्थान की कार्यवाहक निदेशक डॉ. ज्योत्स्ना मदान ने कार्यशाला के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।