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शर्मनाक: लिफ्ट में डेढ़ घंटा फंसी रही महिला... बिगड़ी तबीयत, फंसने का सबूत मांगते रहे जिम्मेदार

Tue, 09 Dec 2025 10:56 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

आरोप है कि लिफ्ट में सुरक्षा अलार्म बजने पर भी कोई गेट खोलने के लिए नहीं आया था। एओए ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। महिला के बेटे ने वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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डेढ़ घंटा लिफ्ट में फंसी रही महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित पंचशील हायनिश सोसाइटी में मंगलवार को लिफ्ट में एक महिला करीब डेढ़ घंटे फंसी रही। जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों का आरोप है कि मेंटेनेस टीम की ओर से भी कोई मदद नहीं मिली। सुरक्षा अलार्म बजने पर भी कोई लिफ्ट का गेट खोलने के लिए नहीं आया।

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सोसाइटी के टावर आठ में रहने वाले श्रवण कुमार झा ने बताया कि उनकी 55 वर्षीय मां करीब एक बजे ऊपर छत से नीचे जा रही थी। तभी अचानक 21 मंजिल पर झटके के साथ लिफ्ट रुक गई। काफी देर तक लिफ्ट का गेट खोलने का वह प्रसास करती रहीं। जब गेट नहीं खुला तब उन्होंने सुरक्षा अलार्म बजाया, लेकिन कोई सहायता के लिए नहीं आया। देर तक वह अंदर लिफ्ट में ही फंसी रही, जिससे उनको अधिक परेशानी होने लगी। एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे होने के कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होती रही। जिससे उनका दम घुटने लगा। आरोप है कि जब सुरक्षाकर्मियों की सीसीटीवी पर नजर पड़ी तो वह तुरंत भाग कर मेंटेनेंस टीम को लेकर महिला को बाहर निकालने के लिए पहुंचे, तब उन्हें सुरक्षित बाहर निकल गया।

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लिफ्ट में फंसने का मांगा गया सबूत
श्रवण कुमार ने वीडियो संदेश जारी करते हुए बताया कि मां के लिफ्ट में फंसने को उनसे सबूत मांगा गया। तब उन्होंने अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन(एओए) के अध्यक्ष और मेंटेनेंस टीम से इसकी शिकायत की। उन्होंने सीसीटीवी कैमरा की फुटेज मांगी, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि उनकी मां की ओर से काफी देर तक सुरक्षा अलार्म बजाया, लेकिन उसने काम नहीं किया, जिसकी वजह से कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया। डेढ़ घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण उनकी माता काफी अधिक डरी हुई है और लिफ्ट का इस्तेमाल करने से भी कतरा रही हैं। वहीं संजय शर्मा और राम ने बताया कि एओए द्वारा सोसाइटी के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। 

लिफ्ट का मेंटेनेंस भी ठीक से नहीं होता है, जिसेके कारण लोगों को परेशानी होती है। आए दिन सोसाइटी में लिफ्ट फंस जाती है। लिफ्ट का रिनुअल भी समय से नहीं होता है। एओए अध्यक्ष विनोद नेगी ने बताया कि सभी आरोप गलत है। लिफ्ट का मेंटेनेंस समय से होता है। महिला को तुरंत ही लिफ्ट से बाहर निकाल लिया गया था। बुजुर्ग महिला को सुरक्षा अलार्म के बारे में पता नहीं था, जिसके चलते उन्होंने लिफ्ट के सभी बटन दबा दिए और उसका सॉफ्टवेयर हैंग हो गया।
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