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Noida News: एससी-एसटी का फर्जी केस कराने वाली महिला को डेढ़ साल की सजा

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लखनऊ। ग्राम पंचायत की विकास निधि के लिए चल रहे विवाद में एससी-एसटी एक्ट का फर्जी केस दर्ज कराने की आरोपी गुड्डी को दोषी ठहराते हुए एससी-एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने डेढ़ साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपने आदेश की प्रति जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को भेजने का आदेश दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि विधायिका का यह बिल्कुल आशय नहीं था कि करदाताओं के बहुमूल्य धन को झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों को राहत के रूप में दिया जाए। कोर्ट ने कहा कि जिलाधिकारी तब तक कोई राहत राशि न दें, जब तक मामले में चार्जशीट न आ जाए। मात्र रिपोर्ट दर्ज होने पर राहत राशि न दी जाए, क्योंकि केस दर्ज होने के स्तर पर राहत राशि देने से फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। इससे फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने और निर्दोषों को फंसाए जाने पर अंकुश लगेगा। कोर्ट ने आगे कहा कि यदि गुड्डी को कोई राहत राशि दी गई है तो उसे तत्काल वापस लिया जाए। कोर्ट ने कहा कि इस पंचायती राज व्यवस्था में वोट देने के नाम पर जहां छोटे छोटे जातीय वर्ग बन गए हैं। वहीं, उनको अपने खेमे में लाने के लिए नोट, शराब बांटने का खुला उपयोग होता है। जो पक्ष जीत जाता है उसको नीचा दिखाने के लिए पांच साल तक विभिन्न चालें चली जाती हैं, जिनमे फर्जी मुकदमे दर्ज कराने, मारपीट और हत्या तक हो जाती है। इस मामले में विपक्षी मथुरा प्रसाद की पत्नी ग्राम प्रधान चुनी गईं थीं, लिहाजा राजू रावत ने अपनी भाभी गुड्डी देवी को आगे करके फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा दी।



माल थाने में दर्ज कराई थी एफआईआर

पत्रावली के अनुसार गुड्डी ने माल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कहा था कि वह छह नवंबर 2024 को राजू के साथ दवा लेकर घर लौट रही थी। रास्ते मेंं मतगुड़ा, विनोद अवस्थी और अनूप अवस्थी मिले। इन लोगों ने गालियां दीं, मारापीटा और धमकाया। एसीपी बीकेटी ने विवेचना की तो पाया कि अनूप अवस्थी घटना के समय फैजुल्लागंज में थे। वहीं, शेष दोनों आरोपी मथुरा प्रसाद के घर पर थे। इसपर विवेचक ने गुड्डी के मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगा दी और उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखाने का परिवाद कोर्ट में दाखिल किया। विवेचना में यह भी पता चला कि ग्राम प्रधान ने गुड्डी पक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दबाव बनाने के लिए ही गुड्डी ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
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