नोएडा। बैंक के रिवॉर्ड प्वाइंट को रिडीम कराने का झांसा देकर साइबर जालसाज ने महिला से 40 हजार रुपये ठग लिए, वहीं क्रेडिट कार्ड शुरू कराने के नाम पर ठगों ने महिला से 98 हजार ऐंठ लिए। दोनों मामलों में कोतवाली सेक्टर-58 और सेक्टर-24 पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही है।
सेक्टर-62 निवासी अपूर्वा नंदा ने शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें उनके बैंक खाते के रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम करने की बात लिखी थी। मैसेज में एक लिंक भी दिया गया था। कुछ देर बाद एक महिला फोन कर खुद को बैंक का कर्मचारी बताया और मैसेज में आए लिंक को क्लिक करने के लिए कहा। क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो गया। इस दौरान ठग ने खाते से यूपीआई के जरिए 40 हजार रुपये निकाल लिए। वहीं, सेक्टर-12 निवासी पुष्पा देवी के पास बैंक कर्मचारी बनकर साइबर जालसाज ने फोन किया। उसने कहा कि आपका क्रेडिट कार्ड होल्ड पर है और कार्ड शुरू करने के लिए एक एप डाउनलोड करना होगा। आरोपी के झांसे में आकर महिला ने एप डाउनलोड कर लिया। इसके बाद ठग ने ऑनलाइन 5 रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा। पांच रुपये ट्रांसफर करते ही उसके खाते से 98 हजार रुपये निकल गए।
लिंक भेजकर खाते से निकाले रुपये
साइबर ठगों ने सदरपुर निवासी प्रिंस कुमार को एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही उसके खाते से 95,353 रुपये निकल गए। पीड़ित ने कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस से शिकायत की है। इसके अलावा सेक्टर-104 स्थित महर्षि नगर निवासी वीरेंद्र कटियार के क्रेडिट कार्ड से 50,130 रुपये निकाल लिए गए।
यह होता है रिवार्ड प्वाइंट
क्रेडिट या डेबिट कार्ड के अधिक इस्तेमाल करने के प्रोत्साहन के लिए रिवॉर्ड प्वाइंट का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत कार्ड के उपयोग के दौरान एक निश्चित अंक जमा होते जाते हैं। इसके बाद ठीकठाक अंक जमा होने के बाद बैंक की तरफ से कुछ लाभ, कैशबैक और इनाम दिए जाते हैं। इसके लिए रिवॉर्ड प्वाइंट को रिडीम किया जाता है।
हमेशा बरतें सावधानी
- किसी अज्ञात कॉलर पर विश्वास नहीं करें और उन्हें अपनी कोई जानकारी नहीं दें।
- किसी से ओटीपी, खाता नंबर, पैन नंबर, आधा नंबर और पासवर्ड आदि शेयर नहीं करें।
- कैश बैक या डिस्काउंट ऑफर को लेकर किसी मैसेज और व्हासट्सएप चैट पर विश्वास नहीं करें।
- बैंक आपसे कभी भी ओटीपी की जानकारी नहीं मांगता है।