जिला लाइब्रेरी में मिला पढ़ाई का माहौल और शांत वातावरण, नतीजा- इस साल आठ बच्चे सरकारी नौकरी पाए
माई सिटी रिपोर्टर
कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो अभाव भी रास्ता नहीं रोक पाते। इसका उदाहरण विवेक कुमार श्रीवास्तव हैं। विवेक के लिए अपने बड़े से परिवार के बीच रहकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना लगभग असंभव था। घर के शोर-शराबे और सीमित जगह के कारण उन्हें वह एकाग्रता नहीं मिल पा रही थी, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी होती है।इसके बाद उन्होंने जिला लाइब्रेरी का रुख किया। वहां मिले शांत वातावरण और संसाधनों का नतीजा यह रहा कि शुक्रवार को आए परिणामों में उनका चयन भारतीय रेलवे में स्टेशन मास्टर के पद पर हुआ है। विवेक अपनी सफलता का श्रेय लाइब्रेरी के अनुशासित माहौल को देते हैं।
हालांकि ये कहानी सिर्फ विवेक की नहीं बल्कि उन अनगिनत विद्यार्थियों की है, जिन्हें जिला लाइब्रेरी के शांत माहौल ने सफलता तक पहुंचाया। इस साल विवेक समेत सहित आठ से ज्यादा विद्यार्थियों ने यहां पढ़ाई कर सरकारी नौकरियों में अपना स्थान पक्का किया है। सफलता का यह सिलसिला यहीं नहीं रुक रहा। आईआईटी की तैयारी कर रहे विवेक कुमार जैसे मेधावी छात्र भी यहीं से अपनी राह बना रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में जेईई मेंस में 98.10 परसेंटाइल हासिल किए हैं।
महंगी प्राइवेट लाइब्रेरियों का सशक्त विकल्प
आज के दौर में निजी लाइब्रेरियों की भारी-भरकम फीस चुकाना हर छात्र के बस की बात नहीं है। ऐसे में जिला लाइब्रेरी एक वरदान साबित हो रही है। छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन अब यहां सुविधाओं के विस्तार में जुटा है। जल्द ही यहां पर 50 नई बेंच और टेबल लगवाने की तैयारी की जा रही है। लाइब्रेरी परिसर के दो कमरों में बैठने की अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी। इस विस्तार कार्य में सामाजिक संस्थाओं और एनजीओ की मदद ली जा रही है।
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तेजी से बढ़ रही है सदस्यों की संख्या
लाइब्रेरी में मिलने वाली सुविधाओं का ही असर है कि पिछले दो महीनों में यहां सदस्यों की संख्या में भारी उछाल आया है। वर्तमान में कुल 245 पंजीकृत सदस्य यहां नियमित रूप से अपनी तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस परिसर में पढ़ाई के लिए 'पिन-ड्रॉप साइलेंस' और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए रखने पर है, ताकि नोएडा के युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिल सके।
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परिवार बड़ा होने के कारण घर में पढ़ाई करना मुश्किल था। इसलिए नियमित रूप से जिला लाइब्रेरी आकर तैयारी की। शुक्रवार को आए रिजल्ट में रेलवे में स्टेशन मास्टर पद पर चयन हो गया। -विवेक कुमार श्रीवास्तव
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आईआईटी में दाखिला लेना है। जेईई मेंस में 98.10 परसेंटाइल हैं। अब जेईई एडवांस की तैयारी कर रहा हूं। लाइब्रेरी का माहौल पढ़ाई के लिए बेहद अच्छा है, इसलिए यहां आकर तैयारी करने का फैसला किया। -विवेक कुमार