ग्रेटर नोएडा/दादरी/रबूपुरा। मिलावटी शराब की बिक्री और तस्करी को लेकर जिले में पूर्व में कई खुलासे हो चुके हैं। यहां तक कि बुलंदशहर शराब कांड के तार भी जिले से जुड़े थे। इसके बाद हापुड़ पुलिस की मदद से भी यहां मिलावटी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। अब अलीगढ़ की घटना के बाद आलाधिकारियों के निर्देश पर जिला पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गए हैं। शनिवार को प्रशासन और पुलिस की टीमों ने जिले भर में संयुक्त अभियान चलाकर अलग-अलग क्षेत्र में शराब की दुकानों की जांच की। मोबाइल एप की मदद से शराब की वैद्यता की जांच की। कहीं गड़बड़ी की रिपोर्ट नहीं मिली। रविवार को भी सभी टीमें अपने-अपने क्षेत्र में शराब की दुकानों की जांच करेंगी।
अलीगढ़ में शुक्रवार को जहरीली शराब पीने से 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद सरकार ने सभी जिलों में जांच का आदेश दिया। जिस पर शनिवार को प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गए। आबकारी विभाग की छह टीमों को जांच में लगाया गया है। सभी एसडीएम और एसीपी की टीमें भी अपने-अपने क्षेत्र में जांच कर रही हैं। दादरी, रबूपुरा, नोएडा फेज-2, कासना आदि क्षेत्र में पुलिस-आबकारी टीम ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। यहां दो दिन में कुल 526 दुकानों की जांच की जाएगी। इनमें बीयर, अंग्रेजी और देशी शराब की दुकानें शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर ने बताया कि पहले दिन जेवर, दादरी, रबूपुरा, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जारचा, दनकौर, बिलासपुर समेत सभी क्षेत्र की दुुकानों की जांच की गई। कहीं से गड़बड़ी की रिपोर्ट नहीं मिली। रविवार को सभी दुुकानों की जांच पूरी कर ली जाएगी। दादरी में एसडीएम आलोक कुमार गुप्ता और एसीपी नितिन कुमार ने दुुकानों की जांच की। शराब विक्रेताओं को चेतावनी दी कि कहीं पर गड़बड़ी मिली तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर के दो आरोपियों के कासना में मिले थे शव
जनवरी में मिलावटी शराब पीने से बुलंदशहर के सिकंदराबाद में कई लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद कासना की एक फैक्ट्री में मिलावटी शराब और दो शव बरामद हुए थे। दोनों मृतक बुलंदशहर शराब कांड के आरोपी बताए गए थे। जबकि एक अन्य की हालत मिलावटी शराब पीने से बिगड़ गई थी। इसके बाद हापुड़ पुलिस की मदद से बीटा-2 थाना क्षेत्र के सेक्टर स्थित एक मकान से मिलावटी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। खास बात यह थी कि मिलावटी शराब फर्जी क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर बनाई जा रही थी।
अवैध अड्डों पर दी जा रही दबिश
सरकारी दुकानों के साथ-साथ आबकारी विभाग की टीम अवैध शराब के अड्डों पर भी दबिश दे रही है। उन इलाकों में जांच कर रही है, जहां पर अवैध शराब बनती है और अन्य जिलों में शराब की तस्करी होती है। साथ ही जिले की सीमाओं पर भी टीमों को अलर्ट किया गया है।
छह माह बाद आई सैंपल की रिपोर्ट
पिछले साल भी जहरीली शराब पीने से प्रदेश के कई जिलों में लोगों की मौत हुई थी। उस समय जिला आबकारी विभाग ने सभी दुकानों से शराब के सैंपल लेकर लैब में भेजे थे। जिनकी रिपोर्ट का कई माह इंतजार करना पड़ा। छह माह बाद सैंपल की रिपोर्ट आई थी। जबकि दो दिन में रिपोर्ट जारी करनी पड़ती है। विभाग के अफसरों का कहना है कि सभी सैंपल सही निकले।