लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस घर बैठे बनवा सकेंगे
नोएडा (मनोज कुमार)। कोरोना महामारी की वजह से साल 2020 में परिवहन विभाग की कई योजनाएं परवान नहीं चढ़ सकी थीं, अब उन पर नए सिरे से काम शुरू कर दिया गया है। कोरोना को देखते हुए इस तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं जिनसे लोग घर बैठे ही विभाग से जुड़े जरूरी काम करा सकें। उन्हें कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़े। इसी क्रम में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के लिए होने वाली लिखित परीक्षा को भी ऑनलाइन करने पर शासन से वार्ता शुरू कर दी गई है। सब कुछ ठीक रहा तो 2021 में ही लोग घर बैठे लर्निंग डीएल बनवा सकेंगे।
दरअसल, परिवहन विभाग की योजना थी कि साल-2020 से लर्निंग डीएल की परीक्षा को जन सुविधा केंद्रों पर कराया जाए। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से ऐसा नहीं हो सका। लॉकडाउन के दौरान परिवहन विभाग में भी कामकाज प्रभावित हुआ, लेकिन अब फिर से कार्यालय पहुंचने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़ों के अनुसार हर रोज करीब 350 लोग डीएल संबंधित और करीब 400 लोग वाहन संबंधित अन्य कार्यों से कार्यालय पहुंचते हैं। पिछले सप्ताह लखनऊ में और दो दिन पहले गाजियाबाद में हुई समीक्षा बैठक में बात उठी कि अधिकतर सेवाएं ऑनलाइन होने के बाद भी इतने लोगों को क्यों ऑफिस आना पड़ रहा है। अधिकारियों से पूछा गया कि सबसे ज्यादा किन-किन कार्यों से लोग पहुंचते हैं, तो सबसे पहले नाम लर्निंग डीएल बनवाने वालों का नाम आया। शासन के आला अधिकारियों ने इसके समाधान के लिए सभी जिलों के अफसरों से सुझाव मांगे हैं। सभी के विचारों के समन्वय से ऐसा मॉडल तैयार किया जाएगा जिससे कम से कम लोगों को कार्यालय आना पड़े।
आधार कार्ड बन सकता है तो डीएल क्यों नहीं?
अधिकारियों का कहना है कि पेन कार्ड और आधार कार्ड देश में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज की श्रेणी में हैं। जब उन्हें ऑनलाइन बनाया जा सकता है तो फिर डीएल क्यों नहीं? अधिकारियों का यह भी कहना है कि कोरोना काल में नर्सरी से लेकर ग्रेजुएशन तक की परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा रही हैं तो लर्निंग डीएल की परीक्षा भी ऑनलाइन हो सकती है।
स्थायी डीएल के लिए कार्यालय जाना ही पड़ेगा
स्थायी डीएल बनवाने के लिए आवेदक को वाहन चलाकर दिखाना होता है। जब आवेदक कार्यालय जाता है तो यह भी देखा जाता है कि वह शारीरिक रूप से ठीक है। ऑनलाइन व्यवस्था में ऐसी जांच का अभी कोई विकल्प नहीं है। ऐसे में स्थायी डीएल बनवाने वाले को ऑफिस आना ही पड़ेगा।
फिटनेस का काम निजी हाथों में देने की तैयारी
व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस परिवहन विभाग का बड़ा काम है। सरकार इस काम को निजी कंपनियों को देने की योजना बना रही है। जिस तरह लोग अपने वाहन की सर्विस कराते हैं, उसी तरह फिटनेस भी निजी वर्कशॉप पर करा सकेंगे। जो फीस सरकार को दी जा रही है उसी फीस में निजी वर्कशॉप पर फिटनेस का काम होगा।
2019 से वाहन संबंधित डाटा ऑनलाइन
परिवहन विभाग में डीएल के बनवाने से लेकर संशोधन कराने तक के कार्य में ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अप्रैल-2019 से वाहनों से संबंधित जानकारी भी वेबसाइट पर अपलोड की जा रही है। परिवहन विभाग ने काम के लिए आने वाले वाहनों का डाटा भी ऑनलाइन करना शुरू कर दिया है।
परिवहन विभाग की ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन हो चुकी हैं। टैक्स हो या फिर वाहन बेचने संबंधित कार्य, उनके लिए स्लॉट बुक कराना होता है। अन्य सुविधाओं को भी ऑनलाइन करने पर शासन में विचार किया जा रहा है।
- एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन गौतमबुद्ध नगर
सरकार चाहती है कि लोगों को ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन मिलें। इससे लोगों की परेशानी दूर होगी और भ्रष्टाचार भी खत्म होगा। अब परिवहन विभाग की डीएल समेत कई अन्य योजनाओं को ऑनलाइन करने पर काम चल रहा है।
- अशोक कटारिया, परिवहन राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश