माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार के फ्लैट को लेकर आठ वर्षों से अदालत में चल रहे पारिवारिक संपत्ति विवाद में अपर सिविल जज (सीडी) की अदालत ने पत्नी को फ्लैट की एकमात्र वैधानिक मालिक मानते हुए उनके पक्ष में घोषणात्मक डिक्री पारित की है।
सेक्टर-37 निवासी वादिनी गुरुचरणजित कौर ने 2018 में अदालत में दावा दायर कर कहा था कि वह इस संपत्ति की वैधानिक मालिक हैं। मूल मालिक कैप्टन केदारनाथ ने 1995 में फ्लैट की पंजीकृत वसीयत उनके पति गुरपाल सिंह के पक्ष में की थी। पति के निधन के पश्चात वह लगातार मकान में रह रही हैं। आरोप है कि उनके बेटे शिवराज सिंह ने उन्हें एकमात्र स्वामी मानने से इनकार कर दिया और संपत्ति में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश की। इसी कारण उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।