सेक्टर- 74, 75, 76, 117, 118, 120, 199 आदि सेक्टरों में अपार्टमेंट की भरमार है। एक - एक अपार्टमेंट में 700 से 1000 फैमिली रह रही हैं। इसके बावजूद बिल्डर के साथ- साथ फायर डिपार्टमेंट भी हाथ पर हाथ रखे हुए बैठा हुआ है।
ये हाल तब है जब हर दिन फायर विभाग के पास 12 से 15 आग लगने की सूचनाएं आ रही हैं। अगर कभी बिल्डिंग में कभी अनहोनी हो जाए तो फायर विभाग के पास 14 मंजिला तक पहुंचने वाली हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म है। जबकि यहां पर 24 से भी ज्यादा फ्लोर की अपार्टमेंट बने हुए हैं।
बिल्डिर के कंपीशन सर्टिफिकेट दिए बिना ही लोगों ने नए बने अपार्टमेंट में रहना शुरू कर दिया है। इन सेक्टरों में करीब 50 से 55 नए अपार्टमेंट के प्रोजेक्ट हैं। बिना फायर एनओसी के ही लोग यहां रह रहे हैं।
आम्रपाली सिलिकन सिटी के निवासी रीतेश अग्रवाल ने बताया कि बिल्डर ने पाइप लगा दिए हैं। लेकिन उनको पानी के टैंकर से जोड़ा नहीं गया है। हमारे अपार्टमेंट में करीब 1000 फैमिली रहती हैं।
भगवान न करें कभी ऐसा हो, लेकिन अगर अपार्टमेंट में आग लग जाएगी तो किसकी जिम्मेदारी होगी। सोसायटी में बीमार लोग भी रहते हैं। आग लगने की स्थित में वो इतनी जल्दी सीढ़ियों से कैसे भाग कर नीचे आएंगे।
प्रतीक विस्टिरिया के निवासी यदुवीर सिंह ने बताया कि सिर्फ फायर फाइटिंग के उपकरण लगाए गए हैं। लेकिन ट्रैंड स्टाफ तक नहीं है। नियम के मुताबिक फ्लोर पर तीन सिलेंडर होने चाहिए लेकिन हर फ्लोर पर ऐसा नहीं है। इनकी जांच तक नहीं होती है।
अम्रपाली प्लेटिनियम के एक निवासी ने बताया कि मैं 4 साल पहले यहां पर रहने के लिए आया था। जो सिलेंडर लगे हुए हैं, आज तक उनकी जांच नहीं हुई है। बिल्डर के साथ - साथ विभाग भी सुस्त है।
विधायक आपके द्वार में भी उठाई थी समस्या
विधायक आपके द्वार कार्यक्रम में भी आम्रपाली इडन अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों ने फायर फाइटिंग सिस्टम खराब होने की समस्या उठाई थी। विधायक के कहने पर फायर विभाग ने जांच की लेकिन हुआ कुछ नहीं।
फायर विभाग के उपनिदेशक एच एस मलिक ने बताया कि अगर अपार्टमेंट में लोग रहने आ गए हैं तो बिल्डर या फिर आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी है कि वो फायर एनओसी लें। लोगों को खुद भी जागरूक होना होगा।
विभाग अपार्टमेंटों में टीम को भेजकर जांच करवाएगा। इसके साथ ही संबंधित विभाग को नोटिस भेजेंगे कि वो फायर फाइटिंग के इंतजाम पुख्ता करें। इस दौरान हर दिन 12 से 15 आग लगने की शिकायत आ रही हैं।
फायर विभाग के पास हैं ये इंतजाम
17 फायर टेंडर
2 फॉर्म टेंडर
5 बाउजर
3 जीप साइज वाटर मिक्स हाइप्रेशर
3 हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म
फायर उपकरण पड़े हैं कूड़े में
स्वास्थ्य विभाग में लगे फायर उपकरण कूड़े में पड़े हुए हैं। ये हाल तब है जब विभाग की बिल्डिंग टीन शेड की बनी हुई है। अगर कभी आग लग गई तो पूरी बिल्डिंग को कवर कर लेगी। इसके बावजूद विभाग लापरवाही बरत रहा है। यहां पर हर दिन करीब 500 से 600 लोग बाहर के आते हैं। इस बारे में सीएमओ डॉ. आर के गर्ग ने कहा फायर फाइटिंग के लिए लगाए गए सिलेंडर खाली हो चुके हैं। फायर विभाग को रिफलिंग के लिए कहा जा चुका है। गैस सिलेंडर को किसने कूड़े में फेंका है इसकी जांच कराएंगे।