फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: ये एलजी कौन है, बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना

विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल पर निकाला गुस्साकहा, केंद्र में जब आप की सरकार होगी तो नहीं बनेगा काम रोकने वाला एलजीदिल्ली में एलजी आकर हमारे सिर पर बैठ गए, नहीं होने दे रहे कोई काम
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एक बार फिर उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर भड़के। उन्होंने सदन का संबोधित करते हुए उपराज्यपाल को बेगाने की शादी में अब्दुल्ला दीवाना तक करार दे दिया। उन्होंने कहा कि ये एलजी कौन हैं, कहां से आ गए। एलजी आकर हमारे सिर पर बैठ गए। जब केंद्र में आम आदमी पार्टी की सरकार होगी तो दिल्ली का उपराज्यपाल काम रोकने वाला नहीं होगा।
मुख्यमंत्री जिस समय सदन में बोलने के लिए उठे तो शिक्षकों को फिनलैंड भेजने से जुड़े संकल्प प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान उन्होंने उपराज्यपाल से शुक्रवार को हुई मुलाकात का जिक्र किया। केजरीवाल के मुताबिक, उपराज्यपाल से कहा कि ब्रिटिश राज में वायसराय कहते थे कि यू ब्लडी इंडियंस, यू डोंट नो हाउ टू गवर्न। आज उपराज्यपाल भी वही भाषा इस्तेमाल कर रहे हैं कि यू दिल्लीवालाज डोंट नो हाउ टू गवर्न। केजरीवाल ने उपराज्यपाल से अपील भी की कि राजधानी को वह दिल्ली सरकार पर छोड़ दें, सरकार अपनी दिल्ली चला लेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए जनतंत्र, संविधान और कानून सर्वोपरि हैं। एलजी साहब को भी इसका सम्मान करना चाहिए। हो सकता है कि कल केंद्र में हमारी सरकार व दिल्ली में हमारा एलजी हो और यहां आप, कांग्रेस या भाजपा की सरकार हो तो हमारा एलजी इस तरह तंग नहीं करेगा। हमने जितनी अच्छी शिक्षा अपने बच्चों को दी, वैसी शिक्षा वह दिल्ली के हर बच्चे को देना चाहते हैं। गरीब बच्चों को अच्छी शिक्षा से रोकने की मानसिकता सामंतवादी सोच की वजह से है। इसी कारण हमारा देश पीछे रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुलाकात के वक्त उन्होंने उपराज्यपाल को संविधान, कानून और सुप्रीम कोर्ट के आदेश दिखाकर कहा था कि इसमें एलजी को चुने हुए मुख्यमंत्री के काम रोकने का अधिकार होने की बात नहीं लिखी है। इस दौरान एलजी ने कहा कि वह प्रशासक हैं और उन्हें राष्ट्रपति ने भेजा है। वह कुछ भी कर सकते हैं। इस बीच मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि उपराज्यपाल का मानना है कि एमसीडी में भाजपा की 20 सीट भी नहीं आ रही थी, लेकिन उपराज्यपाल की वजह से 104 सीटें आ गईं। लोकसभा चुनाव में सातों सीट भाजपा की आएगी और आप को विधानसभा चुनाव नहीं जीतने देंगे। वह दिल्ली को ठप करके आप को बदनाम करने आए हैं। यह स्वयं उपराज्यपाल ने उन्हें बताया है।
विज्ञापन


उपराज्यपाल हेडमास्टर नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को ट्रेनिंग की फाइल में बार-बार कमी निकालने पर उन्होंने उपराज्यपाल से दो टूक बात की। उनको कहा कि आप मेरे हेडमास्टर नहीं हैं। मैं पढ़ने में बहुत अच्छा था। पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक फर्स्ट आया था और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से टाॅप किया था। मेरे मास्टरों ने कभी मेरा होमवर्क चेक नहीं किया, लेकिन आप फाइलें लेकर बैठ जाते हैं। वे चुने हुए मुख्यमंत्री हैं और दिल्ली के दो करोड़ लोगों ने चुनकर भेजा है, वहीं आप कौन हैं। यह सुनते ही उपराज्यपाल ने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति ने भेजा है, तभी उन्होंने कहा कि वैसे ही जैसे अंग्रेज वायसराय भेजते थे। इस बीच उपराज्यपाल बोले कि आपकी सरकार अच्छी नहीं चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें