इस्माईलाबाद। रामा ड्रामाटिक क्लब की ओर से रामलीला में दूसरे दिन समाजसेवी विनोद गोयल ने पर्दा उठाकर रामलीला का शुभारंभ किया। रामलीला में सर्वप्रथम श्रवण कुमार का मार्मिक प्रसंग दिखाया गया जिसमें धोखे से राजा दशरथ शब्द भेदी बाण से श्रवण कुमार का वध कर देते हैं। इस कारण दशरथ को श्रवण के अंधे माता-पिता की ओर से श्राप दिया जाता है कि जिस प्रकार पुत्र वियोग में हम तड़प-तड़प कर मर रहे हैं, वैसे ही तुम्हारी मृत्यु होगी, अंशुल सिंगला ने अपने अभिनय से श्रवण कुमार के पात्र को जीवंत कर दिया, इसके पश्चात भगवान श्रीराम जन्म लीला का चित्रण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महंत मोना और उनके शिष्यों ने भगवान राम के जन्म की बधाई गाई। ताड़का और सुबाहु का वध हुआ और भगवान राम ने अपने एक बाण से मारीच को सात समुद्र पार लंका पहुंचाया। इसी तरह गांव झांसा में भी ऋषि मारकंडेश्वर ड्रामाट्रिक क्लब के तत्वावधान में आयोजित रामलीला के तीसरे दिन चाची ताड़का वध का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सरपंच पुनीत मल ने रीबन काटकर किया। उपप्रधान गुरमीत कक्कड़ ने बताया कि मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार से प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण ताड़का का वध करते हैं। दर्शकों ने भी तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस मौके पर सरपंच पवन गाबा, पूर्व सरपंच राजपाल, तिलक राज, हरीश अनेजा, सोनू मुंजाल, राजबीर बलयान, विकास नामदेव मौजूद रहे।