फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वेव ग्रुप मामला : तीन तरीके से हो सकेगा समाधान

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण ने बीते दिनों सेक्टर-32 स्थित वेव सिटी सेंटर की 1.08 लाख वर्गमीटर जमीन का आवंटन निरस्त कर उस पर कब्जा ले लिया है। प्राधिकरण ने वेव की ओर से निर्मित 43 मंजिला इमारत समेत कुछ अन्य संपत्तियों को सील भी किया है। इस इमारत को मिक्स लैंड यूज के तहत बनाया गया है। इसमें ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल के सैकड़ों खरीदार फंसे हैं। बताया जा रहा है कि इसका समाधान तीन तरीके से हो सकता है।
विज्ञापन

सूत्रों का कहना है कि प्राधिकरण की ओर से आवंटन निरस्तीकरण के 90 दिन के भीतर यदि वेव ग्रुप बकाए के करीब 25 सौ करोड़ रुपये या उसका कुछ अंश जमा कर देता है तो उसे दोबारा जमीन का आवंटन हो सकता है। हालांकि इसके लिए ग्रुप को प्राधिकरण में प्रत्यावेदन देना होगा। इस आधार पर प्राधिकरण फिर से विचार करेगा। दूसरे तरीके में प्राधिकरण इस जमीन और इमारत को नीलाम करेगा। नीलामी के दौरान दूसरे इच्छुक बिल्डर इस संपत्ति को खरीद कर इसे विकसित करने का काम कर सकेंगे। इस एवज में उन्हें भी फायदा होगा। प्राधिकरण को यह फायदा होगा कि वह नई दर पर जमीन बेच सकेगा। वहीं दूसरे बिल्डर चाहें तो इस निर्माण को पूरा कर खरीदारों को बचा सकेंगे। तीसरे तरीके के तहत बिल्डर खुद नीलामी में शामिल होकर इसे फिर से खरीद सकता है। हालांकि उसे पुराने नाम से नीलामी में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। इस तरीके से बिल्डर को उसकी पुरानी संपत्ति मिल सकेगी। यहां खास बात यह कि बिल्डर ने काफी निर्माण कर लिया है। लिहाजा वह नहीं चाहेगा कि यह जमीन उसके हाथ से निकल जाए।
कोर्ट की शरण लेगा वेव ग्रुप
उधर, वेव ग्रुप के प्रवक्ता का कहना है कि नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। कोर्ट के माध्यम से ग्रुप अपनी समस्या का समाधान करने की कोशिश करेगा। वेव ग्रुप का कहना है कि प्राधिकरण ने गलत तरीके से उसकी संपत्ति को जब्त और सील किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें