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संवाद न्यूज एजेंसी
वाराणसी। विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद बीएचयू की ओर से आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में बृहस्पतिवार को तैराकी कोच प्रियंका यादव ने कहा कि खेलते समय अक्सर खिलाड़ियों को चोट और मांशपेसियाें में तनाव की वजह से दर्द उभर जाता है। ऐसे में वाटर थेरेपी रिहैब करने में कारगर है। उन्होंने जल चिकित्सा के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन एवं पुनर्वास के नवाचारी दृष्टिकोण विषयक कार्यशाला में कहा कि पीठ अथवा जोड़ों के दर्द में भी वाटर थेरेपी कारगर है। कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि केंद्रीय उच्च तिब्बती अध्ययन संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा, स्वागत विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. बीसी कापरी ने, संचालन डॉ. प्रमोद यादव ने किया। कार्यशाला में डॉ. एसएस पांडेय, अभिषेक रघुवंशी, प्रो. अर्चना सिंह, डॉ. राजीव सिंह, डॉ. रॉबिन सिंह, डॉ. खुर्शीद अहमद मौजूद रहे।