पिनगवां(मोहम्मद तसलीम अलवी)। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा खंड के तेड गांव में 9 गांवों के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए दो वर्ष पहले वाटर चैंबर बनाया था। आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर और जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा जरनेटर नहीं लगाए जाने की वजह से लोगों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा है। गांवों के लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। कई गांवों में लोगों को टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। जनस्वास्थ्य विभाग ने करीब चार साल पहले खंड के लाहाबास, तेड़, मुंढेता, मोहम्मदपुर, फिरोजपुर मेव, हींगनपुर, रहपुआ, औथा, सुलतानपुर-पुन्हाना में रेनीवेल का पानी उपलब्ध कराने के लिए एक आईबीएस वाटर चैंबर बनाया है। दो गांवों को छोड़कर सभी में पाइप लाइन बिछा दी है। इसके बावजूद भी लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। (संवाद)
पानी के चैंबर को बने कई साल हो गए हैं, लेकिन पानी अभी तक नहीं आया है। सरकार को चैंबर को जल्द से जल्द शुरू कर पीने का पानी उपलब्ध कराना चाहिए।- आसमोहम्मद।
गांव में खारा पानी है जिसका इस्तेमाल खाना बनाने में नहीं किया जा सकता। यहां तक की खारे पानी की वजह से चाय भी फट जाती है। जल्द समाधान करना चाहिए। - साफेद खान।
मुझे करीब सात महीने पहले गांव के सरपंच ने रखा है। मुझसे पहले यहां दो बार चोरी हो चुकी है। जब तक चैंबर को शुरू नहीं किया जाता लोगों की परेशानी बनी ही रहेगी। - कमरुद्दीन तेड।
दिसंबर माह तक चैंबर को शुरू कर दिया जाएगा। अभी लाइन जुड़ने में दो गांव बाकी है। वहीं बिजली विभाग ने अभी तक बिजली का ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है। ट्रांसफार्मर के बाद गांवों में पीने के पानी की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। - मुफीद अहमद, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।