पानी की बर्बादी रोकने के प्रति सजग नहीं ग्रामीण
नगीना। मेवात में जहां एक तरफ लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी ओर पानी की बर्बादी भी देखने को मिल रही है। इसे लेकर ग्रामीण अभी भी सजग नहीं है। लोग गांव में अपना पानी भरने के बाद नल खुला छोड़ देते हैं जिससे मोहल्ले के दूसरे घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता और पानी की किल्लत बनी रहती है। सामाजिक कार्यकर्ता रजत जैन बताते हैं कि लोगों में जागरूकता की कमी है जिससे पानी की किल्लत पैर पसार रही है। अक्सर लोग अपने नलों खुला छोड़ देते हैं, कुछ लोग तो ऐसे हैं जो पाइप लाइनों से नल को खुला छोड़ कर सब्जियां रोपते हैं तो कुछ ऐसे हैं जो पाइप तोड़कर खेती भी करते हैं। खंड के गांव घागस में जो पानी के नल हैं खुले ही रहते हैं। जिनके कारण अगले मोहल्लों व अगले घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता। इस समस्या का समाधान न होने से लोग परेशान हैं और इसकी कई बार शिकायत जन स्वास्थ्य विभाग से कर चुके हैं। पानी की बर्बादी पर जन स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यकारी अभियंता फैजल इब्राहिम ने बताया कि नलों को खुला छोड़ने से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है जबकि विभाग ने हर प्रकार से लोगों को पानी उपलब्ध कराने के पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। ये सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि वह अपने मोहल्ले में नलों को पानी भरने के बाद बंद करा दें ताकि अन्य घरों पर भी पानी पहुंच जाए।