दशहरा बीतने के बाद दीपावली का त्योहार आने में सिर्फ 13 दिन बचे हैं। त्योहार के समय पहले से टिकट फुल होने के कारण सभी ट्रेनों में वेटिंग 150 से 200 से ऊपर दिखा रहा है। एसी कोच में नो रूम दिख रहा है। पूजा स्पेशल ट्रेनों में भी वेटिंग सूची लंबी है। इस समय टिकट नहीं मिलने व भीड़ से बचने के लिए लोग त्योहार से एक सप्ताह पहले ही घर पहुंचने की कोशिश में हैं।
जिले के लोग बड़ी संख्या में गैर प्रांतों में रोजगार, काम-धंधा करते हैं। वह त्योहार पर घर आने के लिए कंफर्म टिकट ना मिलने के बावजूद वेटिंग टिकट करा कर किसी तरह पहुंचने का प्रयास करते हैं। 60 दिन पहले आरक्षण कराने के नियम के चलते अधिकतर नौकरी पेशा लोग पहले ही सीटें बुक करा ले रहे हैं। मुंबई रूट पर सिर्फ तीन जोड़ी ट्रेनें हैं। इस वजह से इस रूट पर सीटों को लेकर ज्यादा मारामारी है। दिल्ली रूट पर पांच जोड़ी ट्रेनें चलने के बावजूद कोई गुंजाइश नहीं है। दो सौ से ज्यादा वेटिंग चल रही है। त्योहार के आसपास ट्रेनों में ज्यादा भीड़ को देखते हुए महानगरों से आने वाली ट्रेनों में अभी से भीड़ आने लगी है।
दोपहर बाद पवन एक्सप्रेस से बलिया रेलवे स्टेशन पर उतरे सुखपुरा निवासी मनोज गुुप्ता ने बताया कि परिवार के साथ मुंबई में रहते हैं, प्राइवेट नौकरी करते हैं। 10 अक्तूबर के बाद ट्रेनों में टिकट नहीं होने व भीड़ ज्यादा होने से परिवार के साथ यात्रा करने में परेशानी होने लगती है। पिछली बार की भीड़ को देखते हुए एक पखवाड़ा पूर्व आराम से आ गए। वहीं, मझौंवा निवासी लालजी साहनी ने बताया कि अभी आराम से टिकट मिल जा रहा है। स्पेशल ट्रेन संचालन के बावजूद भीड़ रहेगी। शाम को छह घंटे लेट से पहुंची सद्भावना एक्सप्रेस से उतरीं फेफना निवासी ज्योति सिंह ने कहा कि पति को छुट्टी नहीं मिली। छठ में कोसी चढ़ाना था। अभी टिकट मिल गया इसलिए बच्चों के साथ आराम से आ गईं।
वाराणसी मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने बताया की मुंबई, दिल्ली, पंजाब, गुजरात सहित अन्य महानगरों के लिए स्पेशल ट्रेनों का संचालन हो रहा है। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए और ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।