ग्रेटर नोएडा। पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से बचाव के नियमों की खूब धज्जियां उड़ीं। प्रत्याशी, उनके समर्थकों सहित कई मतदाताओं ने भी नियमों का पालन नहीं किया। कुछ जगह हालात इतने बिगड़े कि पुलिस ने डंडा लेकर लोगों को दौड़ाया, लेकिन पुलिस के जाते ही फिर नियमों का उल्लंघन शुरू हो गया। चिटेहरा मतदान केंद्र पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कुछ जगह कोविड नियमों की अवहेलना होने के बावजूद पुलिस भी चुप रही।
बिसरख ब्लॉक की 24, दादरी की 30 सहित जिले की 88 ग्राम पंचायतें में सोमवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। इसके एक घंटे बाद ही एडीसीपी विशाल पांडेय और एसीपी पुलिस बल के साथ चिटेहरा के प्राइमरी स्कूल में बने मतदान केंद्र पर पहुंचे। यहां मतदान केंद्र के नजदीक ही प्रत्याशियों के समर्थकों ने टेंट लगाए हुए थे और उन पर भीड़ जमा थी। पुलिस ने बल प्रयोग कर समर्थकों को वहां से हटाया और टेंट फाड़ दिए। सपा के जिला महासचिव श्याम सिंह भाटी व अन्य लोगों ने इसका विरोध किया। पुलिस की कार्रवाई की प्रेक्षक से शिकायत भी की। कुछ देर बात प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ फिर वहीं बैठे नजर आए।
उधर, दादरी के नूरपुर गांव में भी पुलिस ने मतदान केंद्रों के नजदीक जमा भीड़ को बल प्रयोग कर हटाया। दिनभर कई मतदान केंद्रों के बाहर जमा होने वाले लोगों को पुलिस हटाने का कार्रवाई करती रही, इसके बाद भी लोग मान नहीं रहे थे। किसी में कोरोना का भय नहीं दिख रहा था। सुबह से ही लाइनों में खड़े मतदाताओं ने भी कोविड-19 के नियमों पर ध्यान नहीं दिया। लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े नजर आए। मतदान केंद्रों के बाहर पर्ची बनाने वाले एजेंटों ने भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। चुनाव में तैनात पुलिस कर्मी, जोनल मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारियों ने भी सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
जेवर में भी सामाजिक दूरी का पालन नहीं
जेवर (संवाद)। जेवर के मतदान केंद्रों पर सुबह से मतदाताओं की लंबी लाइनें लगी थीं। प्रशासन और पुलिस, मतदाताओं से बार-बार सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि ज्यादातर मतदाता चेहरे पर मास्क लगाकर आए थे। कुछ ने लोगों ने गमछे तो महिलाओं ने साड़ी के पल्लू से चेहरा ढका हुआ था।
मतदान केंद्रों पर नहीं दिखी थर्मल स्क्रीनिंग मशीन
जेवर (संवाद)। चुनाव संबंधी गाइड लाइन के मुताबिक मतदान केंद्रों पर थर्मल स्क्रीनिंग मशीन से मतदाताओं की जांच की जानी थी। केंद्रों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था भी होनी थी। लेकिन जेवर के किसी भी मतदान केन्द्र पर थर्मल स्क्रीनिंग मशीन दिखाई नहीं दी। ज्यादातर मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर के इंतजाम भी नहीं थे।