विभागों के चंदे से सूबे में मॉडल बनेगी विकास भवन की इमारत
ग्रेटर नोएडा। विकास भवन की इमारत को सूबे में मॉडल के रूप में तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने अधीनस्थों के साथ बैठक कर इमारत के नवीनीकरण का पूरा खाका खींच लिया है। विशेष बात यह है कि शासन से बजट नहीं मिल पाने से जिला प्रोबेशन विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, बैंक, जिला पंचायत राज विभाग समेत अन्य विभागों के कंटीजेंसी फंड से विकास भवन को हाईटेक किया जाएगा। कंटीजेंसी फंड की करीब 60 लाख की रकम चंदे के रूप में विभिन्न विभागों से जुटाई जाएगी। बता दें कि जिले में कुल 88 गांव हैं। ग्रामीण विकास के लिहाज से विकास भवन खासा मायने रखता है। यहां अल्पसंख्यक विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम उद्योग विभाग, कृषि विभाग, जिला प्रोबेशन विभाग, जिला नगरीय विकास अभिकरण, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग और उद्यान विभाग आदि मौजूद हैं। अफसरों की मंशा है कि विकास भवन की इमारत को एक मॉडल के रूप में सूबे में पेश किया जाए। हालांकि, जब बजट को लेकर मंथन किया तो बगले झांकने लगे। फिर तय हुआ कि विभागों के कंटीजेंसी फंड में मोटी रकम पड़ी है। इसके बाद विभागीय अफसरों से बातचीत में खर्चे पर सहमति बन गई है।
ये होंगे सुधार कार्य
हाईटेक ऑडिटोरियम, एयरपोर्ट की तर्ज पर शौचालय, योजनाओं की प्रस्तुति के लिए बड़ी एलईडी, आधुनिक सभागार, 5 नए कमरे और एक बड़े हॉल का निर्माण, लिफ्ट, स्टील की रेलिंग, बेहतरीन मुख्य द्वार का आदि का निर्माण कराया जाएगा।
क्या है कंटीजेंसी फंड
विभिन्न सरकारी विभागों के पास कंटीजेंसी फंड होता है। इस फंड को आपातकाल में कोई विकास कार्य या फिर सरकारी योजना के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार पर खर्च किया जाता है। अच्छी खासी रकम विभागों के कंटीजेंसी फंड में जमा रहती है।
कंटीजेंसी फंड से विकास भवन की इमारत का नवीनीकरण किया जाएगा। इमारत को सूबे में एक मॉडल के रूप में पेश करने की योजना है। लिफ्ट समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। जल्द काम शुरू करा दिया जाएगा।
- अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर