बाइक बोट के दफ्तर पर पीड़ितों की महासभा शुरू
ग्रेटर नोएडा। अरबों के फर्जीवाड़े के मामले में दादरी के कोट स्थित बाइक बोट के मुख्य दफ्तर पर एक माह से धरने पर बैठे पीड़ितों ने बड़े आंदोलन की तैयारी कर ली है। सोशल मीडिया के माध्यम से देशभर के पीड़ित निवेशकों को यहां आने का न्योता दिया गया है। रविवार शाम तक अलग-अलग शहरों से करीब 250 निवेशक यहां पहुंच चुके हैं। रविवार शाम 5 बजे दफ्तर के बाद पीड़ितों की महासभा शुरू हो गई है। यहां पहुंचने वाले लोगों के लिए धरनारत लोगों ने भोजन आदि की व्यवस्था की है। 24 घंटे तक चलने वाली महासभा के बाद निवेशक आगे की रणनीति बनाएंगे। बताया जा रहा है कि मांगें नहीं माने जाने की सूरत में लोग उग्र आंदोलन भी चला सकते हैं।
संजय भाटी की गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड यानी बाइक बोट कंपनी के पीड़ित एक जून से कोट स्थित दफ्तर पर धरने पर बैठे हैं। धरनारत लोगों रुपये वापस करने और दोषी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। धरना देने वाले पीड़ितों ने शुरुआत में एनएच-91 जाम भी किया था। हालांकि इसके बाद से यहां पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन चल रहा है। ये लोग यहां दिनरात धरना देकर बैठे हुए हैं। इन्होंने अपने खाने पीने नहाने धोने आदि की भी व्यवस्था यहीं की हुई है। बताया जा रहा है कि यहां जमा अधिकांश पीड़ितों ने अपने रिश्तेदार व परिचितों का रुपया भी कंपनी में लगाया हुआ है। ऐसे में वह बिना रुपया लिए यहां से वापस जाना नहीं चाहते। इस बात की भी वह घोषणा भी कर चुके हैं कि जब उन्हें उनका रुपया वापस नहीं मिल जाता तब तक वह वापस घर नहीं लौटेंगे।
जेल में निवेशकों से कहता है संजय भाटी रुपया सुरक्षित, वापस करूंगा
बाइक बोट के दफ्तर पर मौजूद दीपक चौधरी के मुताबिक लुकसर जेल में बंद संजय भाटी से कुछ निवेशक मिलने गए थे। उन्होंने अपने रुपयों के संबंध में उससे बात की है। संजय भाटी ने उनसे कहा है कि सभी का रुपया सुरक्षित उसके पास है और वह सभी के पैसे लौटाएगा। संजय भाटी ने निवेशकों से जेल से बाहर निकालने की अपील की है। लेकिन संजय भाटी ने यह बात न तो पुलिस से कही है और न ही कोर्ट में कहा है। दीपक ने कहा कि अगर संजय भाटी के दावे में सच्चाई है तो उसे सारे रुपये और संपत्ति का ब्योरा देकर उन्हें निवेशकों को लौटाने के लिए कोर्ट को इसकी जानकारी देनी चाहिए।
ज्ञापन में बाइक बोट के 60 आरोपियों के नाम
दीपक चौधरी ने बताया कि रविवार शाम 5 बजे से धरनास्थल पर महासभा शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिला व पुरुष निवेशक पहुंचे हैं। सभी लोग अपने विचार रखकर आगे की रणनीति बना रहे हैं। धरना दे रहे लोग एक ज्ञापन बना रहे हैं। जिसमें फर्जीवाड़े के 60 आरोपियों के नाम लिखे गए हैं। इनमें संजय भाटी के अलावा उसके परिवार, करीबी व कंपनी से जुड़े पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।
ये हैं प्रमुख तीन मांगें
1- सभी पीड़ितों की एफआईआर दर्ज की जाए
2- गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के सभी निदेशकों को 36 घंटे में गिरफ्तार किया जाए
3- कंपनी की संपत्ति नीलाम कर निवेशकों को पैसे लौटाए जाएं