नई दिल्ली। दिल्ली दंगों में मेरी भूमिका को लेकर कई चैनलों व समाचार पत्रों में मेरे खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया गया। जेएनयू के पूर्व छात्रनेता व दंगा आरोपी उमर खालिद ने शनिवार को अदालती सुनवाई में यह गंभीर आरोप लगाया। उनकी ओर से कोर्ट में अर्जी दायर कर कहा गया कि कई मीडिया प्लेटफार्म पर पुलिस के पूरक आरोप पत्र के आधार पर रिपोर्टिंग की गई।
कड़कड़डूमा अदालत में उमर खालिद के वकील ने अर्जी दायर कर कहा कि उमर खालिद को अभी तक पूरक आरोप पत्र की प्रति तक नहीं मिली है और वह कथित मीडिया ट्रायल में अपना बचाव तक नहीं कर सकते। इस अर्जी में कहा गया कि पहले पूरक आरोप पत्र की ई-कॉपी देने के लिए दो दिसंबर की तारीख तय है लेकिन उमर खालिद को शनिवार को ही प्रति मुहैया करवाई जाए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने उमर खालिद के वकील को शनिवार को ही ई-कॉपी प्रदान करने का निर्देश कोर्ट स्टाफ को दिया। हालांकि सुनवाई के दौरान विशेष अधिवक्ता अमित प्रसाद ने उमर खालिद के आरोपों को खारिज कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद के साथ शरजील इमाम तथा फैजान खान को भी दंगों की साजिश के सिलसिले में अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार कर आरोपी बनाया है। अब इनके खिलाफ यूएपीए, हत्या, हत्या की कोशिश, दंगा, भीड़ जमा करना, राजद्रोह, आपराधिक साजिश समेत अन्य कई धाराओं में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इस पर अदालत ने राजद्रोह, आपराधिक साजिश के अलावा अन्य धाराओं पर 24 नवंबर को संज्ञान लिया था। - एजेंसी