लखीमपुर खीरी। ठंड के माैसम में हाईवे पर खासकर नदी किनारे इलाकों में धुंध बढ़ गई है। सख्ती और कार्रवाई के बाद भी अधिकांश वाहनों में न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं और न ही फाॅग लाइटें। यह वाहन खुले आम सड़कों पर फर्राटा भरकर माैत का सिग्नल दे रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा अंधे मोड़ व ब्लैक स्पॉट पर रहता है। फिर भी न तो वाहन स्वामी सचेत हैं और न ही विभागीय अफसर अपनी जिम्मेदारी सही से निभा रहे हैं।
सर्दी व गन्ना सीजन में सबसे ज्यादा हादसे होते है। हादसों पर लगाम लगाने के लिए गन्ना वाहनों की चौड़ाई व ऊंचाई निर्धारित करने के साथ ही रिफ्लेक्टर लगाए जाने के निर्देश दिए गए थे। फॉग लाइटों को भी लगाने के लिए कहा गया था। सख्ती के बाद कुछ वाहनों में रिफ्लेक्टर लगवाकर निर्देशों का पालन कराया गया, लेकिन आज भी हजारों वाहन बिना रिफ्लेक्टर व फाग लाइटों के दौड़ रहे हैं।
जिले में बृहस्पतिवार को कराई गई पड़ताल में अधिकांश बसें नियमों को दरकिनार कर सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आईं। मोहम्मदी, मैगलगंज, निघासन, मझगई, गोला, बरबर आदि क्षेत्रों में अवैध तरीके से वाहनों का संचालन होता नजर आया।
यहां तीव्र मोड़ पर नहीं लगे हैं संकेतक
बिना संकेतक के तीव्र मोड़ पर मंगलवार देर रात हुए हादसे में पांच लोगों की जान गई। ये हादसा तो पढ़ुआ क्षेत्र में हुआ। जिले में काफी जगह अंधे मोड़ हैं, लेकिन वहां संकेतक नहीं लगाए गए है। यह हादसों का कारण बन रहे हैं। गोला-खुटार मार्ग पर भरिगवां चौराहे पर संकेतक नहीं हैं। भरिगवां और सिसनौर से संपर्क मार्गों से आने वाले वाहन हाईवे पर जाने वालों को दिखाई नहीं देते। केशवापुर में कोनैठिया से रजागंज कस्बे तक कई मोड़ हैं। केशवापुर के बख्खारी, खमहौल मार्ग पर संकेतक नहीं है। मोहम्मदी के सरदार झाला के पास से केहुआ के रास्ते पर झाड़ियां हैं, लेकिन संकेतक नहीं हैं। अमीरनगर के कठिना नदी के पास कई अंधे मोड़ हैं, पर संकेतक नहीं लगे हैं। पलिया-निघासन मार्ग पर 16 किलोमीटर के दायरे में तीन अंधे मोड़ हैं। सिंगाही–पलिया मार्ग स्थित सहतेपुरवा मोड़ पर आए दिन हादसे होते हैं।
सर्दी शुरू होते ही रोडवेज बसों में फॉग लाइटें लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अधिकांश में ये नहीं लगाई गईं। गोला रोडवेज की अधिकांश बसों में फाॅग लाइटें नहीं लगी हैं। गोला डिपो इंचार्ज कमलेश वर्मा ने बताया कि रोडवेज बसों में फाॅग लाइट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। जिन बसों में नहीं लगी हैं, उनमें भी एक-दो दिन में लाइटें लगवा दी जाएंगीं। गोला डिपो पर 120 निगम व 31 बसें अनुबंधित हैं।
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70 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई
20 से 27 नवंबर तक ओवरलोड, ओवरहाइट, बिना फिटनेस, बिना परमिट के 70 वाहनों के चालान व सीज किए जा चुके हैं। करीब 150 ट्रकों एवं ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप लगवाए गए। टीम लगातार ऐसे वाहनों की चेकिंग कर कार्रवाई कर रही है।
-शांति भूषण पांडेय, एआरटीओ
मैगलगंज बाइपास पर बिना रिफ्लेक्टर लगा खड़ा ट्रक। संवाद
मैगलगंज बाइपास पर बिना रिफ्लेक्टर लगा खड़ा ट्रक। संवाद
मैगलगंज बाइपास पर बिना रिफ्लेक्टर लगा खड़ा ट्रक। संवाद