नोएडा एयरपोर्ट के पास सेक्टर-10 में 300 एकड़ और सेक्टर-28 में 125 एकड़ में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए पांच कंपनियों ने प्रस्ताव दिया है। इसमें दो का आवेदन स्वीकृत करते हुए प्राधिकरण ने अनुमति के लिए शासन को भेजा गया है। प्रदेश सरकार ने सेमी कंडक्टर सेक्टर में टार्क और वामा सुंदरी इंवेस्टमेंट के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। दोनों कंपनी जेवर के पास परियोजना स्थापित करेंगी। इस इकाई में बैटरी व अडॉप्टर में लगने वाली चिप प्रमुख रूप से बनाई जाएंगी। चिप के उत्पादन से ऑटो मोबाइल सेक्टर में बड़े स्तर के बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।
तीन और कंपनियों को हरी झंडी का इंतजार
सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित सेमिकॉन में देश और दुनिया की कंपनियों को आमंत्रित किया था। इसके बाद यहां सेमीकंडक्टर कंपनियों को लेकर प्रयास तेज हुए हैं। सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने के लिए सेक्टर-28 में ताइवान की टार्क कंपनी और सेक्टर-10 में वामा सुंदरी इंवेस्टमेंट (एचसीएल) के अलावा एडिटेक सेमीकंडक्टर प्राइवेट लिमिटेड ने 100 एकड़, भारत सेमी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने 50 एकड़, कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने भी 50 एकड़ भूमि की जरूरत बताई है।
एफडीआई पर यमुना प्राधिकरण देगा 75 फीसदी लैंड सब्सिडी
देश की पहली सेमीकंडक्टर उत्पादन की इकाई गुजरात के अहमदाबाद के धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र में है। यमुना प्राधिकरण के क्षेत्र में निवेश करने पर प्रदेश सरकार शत प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के तहत कंपनी को 75 प्रतिशत लैंड सब्सिडी, 100 करोड़ कैपिटल सब्सिडी, रिसर्च एंड डवलपमेंट के लिए दो करोड़, 10 वर्ष के लिए पीएफ सहित अन्य लाभ देगी। भारत सरकार से लाभ पाने के लिए भी कंपनी को छूट मिलेगी। इन कंपनियों को सेमीकंडक्टर के लिए न्यूनतम 40 से 80 हजार करोड़ रुपये तक निवेश करना होगा।
वामा सुंदरी और टार्क के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। इससे यमुना सिटी में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण