विज्ञान घर सीजन-5 का प्रसारण 17 से 27 मार्च तक होगा। यह शो बिल्कुल बिग ब़ॉस की तरह होगा। यहां छात्रों को प्रतिदिन नए-नए टास्क दिए जाएंगे। विज्ञान घर में अलग-अलग प्रांतों से आए विज्ञान योद्धाओं के लिए एक दिनचर्या का प्रारूप तैयार किया गया है।
ग्रेटर नोएडा के दादरी के छांयसा गांव के रहने वाले उत्कर्ष का चयन विज्ञान घर सीजन-5 में हुआ है। विज्ञान घर कार्यक्रम में देशभर के 20 बाल वैज्ञानिकों का चयन किया गया है। जो विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों में प्रतिभाग करते हुए नजर आएंगे।
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सीजन-5 का प्रसारण 17 से 27 मार्च तक होगा। यह शो बिल्कुल बिग ब़ॉस की तरह होगा। यहां छात्रों को प्रतिदिन नए-नए टास्क दिए जाएंगे। विज्ञान घर में अलग-अलग प्रांतों से आए विज्ञान योद्धाओं के लिए एक दिनचर्या का प्रारूप तैयार किया गया है। इसमें जहां सभी प्रतिभागी समयानुसार अपनी-अपनी दिनचर्या को पूर्ण करेंगे। उत्कर्ष का चयन जीरो वेस्ट लाइफस्टाइल पर हुआ है। उत्कर्ष ने बताया कि सीजन पांच के लिए वह 15 मार्च को मेरठ के लिए रवाना हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि देश के करीब 2 हजार से अधिक युवाओं ने अपनी इंट्री को भेजा था, जिसमें से 20 को चुना गया है। उन्होंने बताया कि परिवार की स्थिति सही नहीं होने के कारण वह शुरू से सरकारी स्कूल में ही पढ़े हैं। दादरी के कलौंदा स्थित वत्स राज स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज में 12वीं के छात्र हैं। उन्होंने बताया कि नासा में भी उनका मॉडल चयनित होे चुका है। उन्होंने 150 रुपये में वायरलेस इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर तैयार किया था।
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पिता को हो गया था ब्रेन हेमरेज
उत्कर्ष ने बताया कि उनके जीवन में संघर्षों का साया रहा है लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पिता उपेंद्र सिंह को करीब 10 वर्ष पहले ब्रेन हेमरेज हो गया था। उनके दादा सुरेंद्र सिंह खेती करते हैं। उनके साथ मां और वह हाथ बंटाते हैं। खेती और दूध बेचकर किसी तरह घर का खर्च चलता है। उन्होंने बताया कि विज्ञान घर में अलग-अलग समय पर प्रोजेक्ट एक्टिविटी, टीम द्वारा दी गई एक्टिविटी, लंच, अतिरिक्त एक्टिविटी कराई जाएगी। बाहर से आए हुए विशेषज्ञों के साथ में बच्चों की ग्रुप एक्टिविटी एवं ग्रुप समूह द्वारा अपने विचारों का आदान-प्रदान होगा। विशेषज्ञों द्वारा ही विजेता प्रतिभागी का चयन प्रतिदिन किया जाएगा।