ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमीक्रॉन स्थित सुपरटेक सिज़ार सोसाइटी में रखरखाव व्यवस्था में सुधार और व
निवासियों का आरोप है कि जबरन 450 फ्लैटों के प्रीपेड मीटर से काटा गया मरम्मत का पैसा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर ओमीक्रॉन-3 की स्टेलर एमआई सिटी होम्स सोसाइटी के निवासियों ने सोमवार को बिजली मीटर से पेंट और मरम्मत का पैसा काटने पर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि बिना सहमति के एओए ने प्रीपेड मीटर से पैसा काटना शुरू कर दिया। 450 फ्लैटों के मीटर से पैसा काटा गया। इससे 200 से अधिक घरों की बिजली बंद हो गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन कुछ नहीं हुआ। करीब 4 घंटे तक हंगामे के बाद निवासियों ने फिर से मीटर रिचार्ज करवाकर आपूर्ति शुरू कराई। वहीं एओए ने बिजली काटने के आरोपों को झूठा करार दिया है।
निवासियों ने बताया कि एओए ने एक अगस्त से मेंटेनेंस शुल्क 2.34 रुपये से बढ़ाकर 3.19 रुपये प्रति स्क्वायर फीट कर दिया था। मेंटेनेंस बढ़ाने से एओए को साल में 70 लाख से अधिक पैसा मिलेगा। अब एओए ने सोसाइटी के टावरों की मरम्मत और पेंट कराने के नाम पर पैसे मांगे हैं। सोसाइटी में 660 फ्लैट है। हर फ्लैट से 25 हजार से अधिक की धनराशि मांगी है। जबकि मेंटेनेंस में सभी शामिल होता है। आरोप है कि एजेंसी ने मरम्मत व पेंट की कुटेशन 76 लाख दी है लेकिन एओए ने 1.60 करोड़ का खर्च बताया है। एजेंसी की कुटेशन को सार्वजनिक नहीं किया गया। सोसाइटी के 450 फ्लैटों के लोगों ने मरम्मत व पेंट के काम का पैसा देने से इंकार कर दिया। निवासियों का आरोप है कि इस पर रविवार को एओए ने 450 फ्लैटों के प्रीपेड मीटर से रोजाना पैसे काटने का संदेश भेज दिया और सोमवार सुबह करीब 11 बजे मीटर से पैसे काट लिए गए। हर घर के मीटर से 184 रुपये काटे गए। इससे 200 से अधिक मीटर का बैलेंस माइनस में पहुंच गया। इससे उन फ्लैटों की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इस बात से गुस्साएं निवासियों ने मेंटेनेंस और एओए कार्यालय में जमकर हंगामा किया। दोपहर तीन बजे तक सोसाइटी के गेट पर भी हंगामा कर धरना दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला। उसके बाद निवासियों ने अपने मीटर को रिचार्ज करवाकर आपूर्ति शुरू कराई।
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28 फरवरी तक रोजाना कटेगा पैसा : निवासियों ने बताया कि एओए ने 12 अक्तूबर से 184 रुपये काटने शुरू किए है। हर फ्लैट के मीटर से रोजाना इतना पैसा काटा जाएगा। जो बिना सहमति के काटा जा रहा है। साथ ही विद्युत नियामक आयोग के नियमों के खिलाफ हैं। रोजाना पैसा काटने का सिलसिला 28 फरवरी तक चलेगा। इससे निवासी परेशान हैं।
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सोसाइटी के कुछ लोगों ने शिकायत की कि 450 लोगों की बिजली काट दी गई है। जब इसकी जांच की तो पता चला कि आरोप झूठे व निराधार थे। किसी निवासी की बिजली नहीं काटी गई। सभी आरोप राजनीति से प्रेरित है।
सतेंद्र गौड़, एओए अध्यक्ष स्टेलर एमआई सिटी होम्स
यह एनपीसीएल से जुड़ा मामला नहीं है। सोसाइटी के निवासी व एओए का आपसी विवाद है। अगर एनपीसीएल के पास कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच की जाएगी।
मनोज कुमार झा, प्रवक्ता एनपीसीएल