महिला कर्मचारियों ने उठाई सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
एमसीडी ने दो दिन पहले सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी सुबह पांच बजे से शुरू करने का आदेश जारी किया था। अब इस आदेश के खिलाफ बृहस्पतिवार को सफाई कर्मचारियों ने एमसीडी मुख्यालय में हंगामा कर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने मेयर से मिलकर इस फैसले को वापस लेने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि महिला सफाई कर्मचारियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें सुरक्षा, परिवहन की कमी और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। वहीं, मध्य जोन के हरकेश नगर वार्ड में निरीक्षण के दौरान 29 सफाई कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। ऐसे में जोन के उपायुक्त ने संबंधित एएसआई धीरज को निलंबित कर दिया।
सफाई कर्मचारियों ने कहा कि कई महिलाएं दूरदराज के इलाकों से आती हैं और सुबह पांच बजे ड्यूटी पर पहुंचना उनके लिए असुरक्षित और अव्यवहारिक है। सुबह के समय सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था कम होती है। ऐसे में अकेले आना खतरनाक साबित हो सकता है। कर्मचारियों ने प्रशासन पर बिना समुचित तैयारी के निर्णय थोपने का आरोप लगाया। आदेश के तहत बृहस्पतिवार को अनेक सफाई कर्मचारी ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंच सके, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की। कर्मचारियों का कहना है कि दो दिन पहले आदेश जारी कर बृहस्पतिवार से लागू करना तानाशाही जैसा है। उन्हें न समय दिया गया और न ही उनकी समस्याएं सुनीं।
वैकल्पिक शिफ्ट जैसे इंतजाम की मांग
यूनियन प्रतिनिधियों ने मांग की कि नई ड्यूटी समय व्यवस्था को लागू करने से पहले कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं के लिए परिवहन सुविधा, सुरक्षा उपाय और वैकल्पिक शिफ्ट जैसे इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। मेयर से हुई मुलाकात के बाद कर्मचारियों को आश्वासन मिला है कि मामले पर विचार किया जाएगा। हालांकि, एमसीडी प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।