स्योहारा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत अमानतपुर उर्फ गल्लाखेड़ी में लाखों रुपये का भुगतान ऐसे बाउचरों पर कर दिया गया, जिनका कार्यों से कोई लेना-देना नहीं है। कहीं कोरे बिल अपलोड किए गए तो कई निर्माण कार्यों के सामुदायिक शौचालय के भुगतान के बदले केयर टेकर के मानदेय के बाउचर अपलोड कर दिए गए। 18 हजार रुपये के एक ही मानदेय बाउचर को आधार बनाकर सड़क, नाली और मिट्टी भराव जैसे कई कार्यों का भुगतान कर दिया गया।
ई-स्वराज पोर्टल की पड़ताल से पता लगा है कि सामुदायिक शौचालय के केयर टेकर का तीन माह का मानदेय दिखाते हुए उसी बाउचर से लाखों रुपये एक ही फर्म (मोहम्मद जावेद) को अदा कर दिए गए। इस संबंध में बीडीओ विक्रम सिंह का कहना है कि पंचायत से किसी तरह के बिल या बाउचर अपलोड किए गए हैं इसकी जानकारी नहीं है। वह मामले की जांच कराएंगे।
जेई की एमबी गायब, लेकिन रकम पूरी निकाली गई : पोर्टल पर किसी कार्य की माप पुस्तिका (एमबी) अपलोड नहीं की गई। बावजूद इसके भारी-भरकम भुगतान कर दिया गया।
मुंशीराम सैनी से अमित के घर तक सीसी, नाली निर्माण का 1,44,000 रुपये, चामुंडा मंदिर से शिवचरण के घर तक सीसी, नाली निर्माण का 46,500 रुपये, राकेश के घर से पुखराज तक नाली, सीसी निर्माण का 50898 रुपये आदि सभी भुगतानों के पीछे वही शौचालय के केयर टेकर का मानदेय बाउचर अपलोड किया गया।
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि ग्राम पंचायत अमानतपुर में प्रधान, पंचायत सहायक के मानदेय, प्रधान का यात्रा भत्ता और पंचायत घर के कंप्यूटर रिपेयरिंग तक के नाम पर धनराशि निकाल ली गई, लेकिन इनके पीछे भी फर्जी या कोरे बिल अपलोड किए गए।