- पंजीकृत एजेंटों को जिम्मेदारियों और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के नियमों की दी जाएगी जानकारी
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों को नियमों में हुए बदलाव और उनकी नई जिम्मेदारियों की जानकारी देगा। इसके लिए 13 अगस्त को वेबिनार आयोजित किया जाएगा। इसमें यूपी रेरा में पंजीकृत और प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे एजेंट शामिल होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, रेरा के नियमों में समय-समय पर बदलाव किए जा रहे हैं। हाल में सोसाइटियों के आईएफएमएस फंड से जुड़े प्रावधानों में 12वां संशोधन किया गया है। इन बदलावों में बिल्डरों के साथ रियल एस्टेट एजेंटों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। कई एजेंटों को इन प्रावधानों की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण वेबिनार के माध्यम से उन्हें नियमों से अवगत कराया जाएगा। यूपी रेरा अधिनियम के नियम-54 में एजेंटों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। इसके तहत एजेंटों को कैश बुक, जर्नल और लेजर सहित लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड रखने होंगे। इसके अलावा फॉर्म आरईजी-8 के निर्धारित प्रारूप में ग्राहकों का रजिस्टर भी तैयार करना होगा। एजेंटों को प्रोजेक्ट पूरा होने या पंजीकृत लीज डीड की तारीख से कम से कम पांच वर्ष तक संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा। जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर उन्हें यह रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा।
लेनदेन और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी भी देनी होगी- अधिकारियों ने बताया कि पंजीकृत रियल एस्टेट एजेंटों को उनके माध्यम से हुए लेनदेन और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी भी देनी होगी। यह जानकारी प्रत्येक तिमाही समाप्त होने के 15 दिन के भीतर उपलब्ध करानी होगी। निर्धारित समय में तिमाही रिपोर्ट नहीं देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। वेबिनार में इन सभी प्रावधानों और अनुपालन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया जाएगा।