फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: यूपी रेरा ने अकाउंटेंट को निकाला, पूर्व में भी दी थी चेतावनी

विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी रेरा ने अकाउंटेंट को निकाला, पूर्व में भी दी थी चेतावनी
विज्ञापन

-मेरठ की एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद हरकत में आया, अफसरों ने कहा कि पूर्व में मिली थी शिकायत, की जा रही थी निगरानी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद अकाउंटेंट हरेंद्र कुमार गोस्वामी को नौकरी से भी निकाल दिया है। आरोपी पर पूर्व में भी रिश्वत लेने के आरोप लग चुके हैं, लेकिन यूपी रेरा की तरफ से कार्रवाई नहीं की गई। केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। अब यूपी रेरा का कहना है कि शिकायत मिली थी। उसकी निगरानी की जा रही थी। अन्य कर्मचारियों को भी इस तरह की गतिविधियों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी अकाउंटेंट के खिलाफ पूर्व में भी कई शिकायतें आ चुकी थीं, लेकिन यूपी रेरा की तरफ से उस पर कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि यूपी रेरा के अफसरों ने चेतावनी देने के बाद आरोपी को छोड़ दिया था, लेकिन उसके बाद भी आरोपी बाज नहीं आ रहा था। अब एक खरीदार की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके बाद यूपी रेरा ने भी आनन-फानन में आरोपी की सेवा समाप्त कर दी है। वहीं एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद यूपी रेरा के ग्रेटर नोएडा कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी परेशान दिखे।
विज्ञापन

ज्यादातर संविदा पर है कर्मचारी

यूपी रेरा में काम करने वाले ज्यादातर कर्मचारी संविदा पर हैं। केवल चार उच्च पद ही स्थायी है। बाकी सभी पदों पर सलाहकार या फिर संविदा पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। ऐसे में खरीदारों का कहना है कि अस्थायी कर्मचारी नहीं होने से यूपी रेरा की गोपनीयता भंग हो रही है।


केस दर्ज, एंटी करप्शन टीम करेगी जांच
एंटी करप्शन टीम ने बीटा-2 कोतवाली में केस दर्ज कराया है। केस दर्ज करने के बाद बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने आरोपी की मेडिकल जांच कराई। रविवार को पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश करेगी। साथ ही केस एंटी करप्शन टीम मेरठ को स्थानांतरण किया जाएगा। वहीं केस की जांच करेगी।
निस्तारण से लेकर आदेश का पालन नहीं हो रहा
खरीदारों का कहना है कि यूपी रेरा में इस समय खरीदारों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। शिकायत का निस्तारण देरी में से हो रहा है। तीन से 4 माह की लंबी तारीख मिल रही है। जबकि आदेशों का पालन कराने में भी लापरवाही बरती जा रही है। जिस पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई की गई है, वो भी तीन साल से आदेश का पालन कराने के लिए चक्कर लगा रहे हैँ। आरोपी आदेश का पालन कराने वाली सेल में तैनात था। वहां से काफी शिकायतें आती हैं
विज्ञापन

इसकी शिकायत मिली थी। जिस पर निगरानी की जा रही थी। अब कार्रवाई के बाद आरोपी की सेवा समाप्त कर दी गई है।

संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन यूपी रेरा


यूपी रेरा की कार्यशैली से अब विश्वास उठ गया है। पिछले एक साल से कंसिलिएशन फोरम की सुनवाई में भी नहीं पहुंचे हैं। वहां केवल पहले से तय शिकायतों को रखा जाता है। कुछ गिने-चुने बिल्डरों का ही बनकर रह गया है। खरीदारों के साथ बैठक भी नहीं हो रही है। खरीदारों को समय से न्याय भी नहीं मिल रहा है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई पर कोई आश्चर्य नहीं है।
अभिषेक कुमार, अध्यक्ष नेफोवा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें