उत्तर प्रदेश में मॉडल भवन विनियम-2026 को मंजूरी मिलने से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में निर्माण नियम बदलेंगे। ऊंची इमारतों, आसान नक्शा स्वीकृति और 60 दिनों में मंजूरी के नए प्रावधान लागू होंगे।
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन विनियम-2026 को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। प्राधिकरण यह तय करेंगे कि 60 फीसदी से ज्यादा विकसित हो चुके सेक्टरों में ये विनियम प्रभावी होंगे या नहीं।
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इन विनियमों के तहत 45 मीटर से अधिक चौड़ी सड़कों के किनारों पर फ्लोर एरिया रेशियो (एफ़एआर) की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इसका अर्थ है कि अब इमारतें और ऊंची बन सकेंगी। बहुमंजिला इमारतों के लिए हर पांच वर्ष में स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय भूखंडों और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवनों के लिए भवन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया सरल की गई है।
नक्शा स्वीकृति के नए नियम
लाइसेंसधारी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा तैयार मानचित्रों के आधार पर कुछ श्रेणियों में स्वतः स्वीकृति की व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव है। इसका लाभ 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भवनों को मिलेगा। आवेदन के 60 दिनों के भीतर नक्शे पास करने होंगे। यदि ऐसा नहीं होता है, तो नक्शे स्वतः स्वीकृत माने जाएंगे। यह प्रावधान प्रक्रिया में तेजी लाएगा।