महराजगंज। जिले में बृहस्पतिवार को चारों तरफ हुई असमय बारिश से किसानों की मेहनत बर्बादी के कगार पर है। साथ ही धान के खेतों में पानी लगने और धान की फसलों के ढह जाने के साथ ही किसानों की उम्मीदें भी पानी में डूब गई हैं। जिले के किसान इस बारिश को लेकर चिंतित हैं। इससे न केवल फसलें चौपट हुई हैं, बल्कि किसानों के चेहरों की मुस्कान भी छिन गई हैं।
चौक बाजार प्रतिनिधि के अनुसार : मिठौरा क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पक कर तैयार खड़ी धान की फसल बारिश और तेज हवा की चपेट में आकर बर्बाद हो गई। खेतों में जलभराव के कारण फसलें सड़ने लगी हैं, जिससे किसानों में अपने भविष्य को लेकर चिंता सताने लगी है।
क्षेत्रीय किसान सद्दाम हुसैन, रामसेवक, शिवनाथ, सुनील कुमार, सुरेंद्र यादव, संदीप राजभर, मनौवर अली, रामप्रीत, मंतोष विश्वकर्मा आदि ने बताया कि इस बारिश ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है। खेतों में पानी भरने से कंबाइन मशीनें चल नहीं पा रहीं हैं, और जहां चल भी रही हैं, वहां अनाज का भारी नुकसान हो रहा है। खनुआ प्रतिनिधि के अनुसार: सोनौली कोतवाली क्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश से तमाम किसानों की धान की फसल गिर गई है। हरदीडाली, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ, शेख फरेंदा, सुकरौली उर्फ अरघा, महुआवा, बरगदवा उर्फ गनवरिया आदि गांवों में बारिश से किसान चिंतित हैं, वहीं हरदीडाली के कुछ किसानों की धान की फसल गिर गई है, और खेत में पानी लग गया है। हरदीडाली के किसान असगर अली ने बताया कि मैंने बंटाई का खेत लिया है। तीन एकड़ में बोई गई धान की फसल गिर गई है। उसकी कटाई कैसे होगी, सबसे बड़ी चिंता यही है। परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार नौतनवा ब्लॉक में असमय बारिश से गिरी धान की फसल कटाई को लेकर किसान चिंतित हो गए हैं। बारिश होने से किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है।
क्षेत्र के किसान जय किशुन यादव, विरेंद्र चौधरी, अनिल कुमार, महबूब अली, गतिराम साहनी, दयाराम यादव आदि ने बताया कि इस समय धान की कटाई चल रही है।
अड्डा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की आधी रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन होती रही। दोपहर 3:00 बजे के बाद बारिश कुछ तेज हो गई, जिससे ठंड बढ़ गई। इस बारिश से किसानों ने खेती व फसल के लिए लाभ हानि का मिला-जुला असर बताया है।