बहराइच। तराई में बेमौसम बारिश ने एक ओर जहां सर्दी के मौसम का अहसास कराया वहीं दूसरी ओर किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इस बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मंगलवार को लगातार हो रही बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। सड़कों पर आवागमन भी सामान्य दिनों की अपेक्षा कम रहा।
सोमवार को सुबह से आसमान में बादल छाए होने से पूरे दिन सूर्य के दर्शन नहीं हुए। शाम के समय तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई जो सुबह रिमझिम बारिश में बदल गई। दिन भर हुई बारिश से जहां शहरी इलाके में सड़कों पर कीचड़ होने के साथ लोग भीगने से बचने की कोशिश करते रहे। कुछ शिक्षण संस्थानों में मंगलवार को छठ पर्व का अवकाश रहा। जिन विद्यालयों में अवकाश की घोषणा नहीं की गई थी वहां बारिश के कारण अवकाश घोषित कर दिया गया। मौसम वैज्ञानिक डॉ. डीके त्रिपाठी का मानना है कि 30 अक्तूबर तक बारिश की संभावना है। इस बेमौसम बारिश का कारण आंध्रप्रदेश के आस-पास समुद्र के तटवर्ती इलाके में आया साइक्लोन है।
फसलों को भारी नुकसान
बाबागंज क्षेत्र में खेत में खड़ी व कटी पड़ी धान की फसल भीग जाने से किसानों का काफी नुकसान पहुंचने की आशंका है। क्षेत्र के ग्राम जिगरिया, शंकरपुर, रामनगर, बसंतपुरऊदल, दुविधापुर, कलवारी, बनकुरी, सुजौली, सोरहिया आदि गांवों में काटी गई धान की फसल खेतों में भीग गई। वहीं किसान अभी धान के फसल की कटाई भी नहीं कर पाए है। वर्षा से खेतों में नमी बढ़ने से किसान चिंतित है। किसान बलवीर सिंह,रामकुमार शर्मा, रामविलास, मो. अख्तर, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि बेमौसम बारिश होने से फसल को नुकसान हो रहा है। न सिर्फ अनाज खराब होगा, बल्कि उत्पादकता पर भी असर पड़ेगा।
हवा व बूंदाबांदी से ठंड का अहसास
नवाबगंज में मौसम के अचानक करवट बदलने से पहले बादल छाए फिर हवा चली और उसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे क्षेत्र में ठंड अचानक बढ़ गई है। लोग सिहरने को मजबूर रहे। पूरा दिन बूंदाबांदी से लोग ठंड से ठिठुरते हुए नजर आए। कई जगह लोगों ने अलाव भी जला लिया।
निकल आए गर्म कपड़ेविशेश्वरगंज। मौसम का अचानक मिजाज बदला। सुबह की बारिश के बाद सर्दी के आने का अहसास हुआ। इस बदलाव के कारण लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए हैं। छोटे बच्चे एवं बुजुर्ग मंगलवार को गर्म कपड़ों में दिखे।
बच्चे और बुजुर्गों को रखें सुरक्षित
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉक्टर अरविंद शुक्ला ने बताया कि अचानक मौसम बदला है ऐसे में सर्दी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से इज़ाफा हुआ है। उन्होंने सलाह दी है कि बदलते मौसम में शरीर को पूरी तरह ढककर रखें, गुनगुना पानी पिएं और ठंडी चीजों के सेवन से बचें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखें।