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Noida News: दीपावली पर 24 घंटे आपूर्ति के लिए पूरी क्षमता से चलेंगी इकाइयां

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प्रकाश पर्व पर प्रदेश के किसी हिस्से में बिजली का संकट नहीं रहेगा। त्योहार पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए उत्पादन निगम ने कमर कस लिया है। इसके लिए जहां कम खपत के चलते बंद की गई 11 इकाइयों में चार को उत्पादन पर ले लिया गया।
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वहीं शेष को भी जल्द उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सभी इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाते हुए त्योहार पर भरपूर बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे सस्ती बिजली देने वाली सोनभद्र की इकाइयाें पर खासा दारोमदार है।
सोनभद्र के बिजलीघर यूपी में बिजली की आधी जरूरत पूरी करते हैं। प्रदेश में सबसे सस्ती होने के कारण यहां की बिजली की मांग भी हमेशा बनी रहती है। यही कारण है कि सप्ताह भर पूर्व बारिश और मौसम में नरमी के चलते विभिन्न बिजलीघरों की इकाइयां बंद की गई लेकिन सोनभद्र इससे अछूता रहा।
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पिछले सप्ताह तीन से चार दिन तक थर्मल बैकिंग की स्थित जरूर दिखी लेकिन अब धनतेरस-दीपावली पर बढ़ी खपत को देखते हुए जिले में सभी बिजली परियेाजनाओं से बेहतर उत्पादन का शेड्यूल जारी कर दिया गया है।
इसके लिए उत्पादन पर चल रही इकाइयों से मिल रही बिजली को बेहतर स्थिति में बनाए रखने के साथ ही बॉयलर ट्यूब लीकेज के चलते बंद अनपरा डी की 500 मेगावाट वाली इकाई भी अविलंब उत्पादन पर लेने की कवायद जारी है।

12 घंटे में ही चालू की गई ओबरा सी की इकाई
प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली मुहैया कराने वाले सोनभद्र के बिजलीघरों की इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाने पर विशेष जोर है। इसके मद्देनजर तकनीकी दिक्कत के चलते शुक्रवार की देर रात बंद हुई ओबरा सी की 660 मेगावाट वाली इकाई को महज 12 घंटे के अंदर ही शनिवार की दोपहर उत्पादन पर ले लिया गया। अनपरा डी की पहली इकाई से भी रविवार सुबह तक उत्पादन करने की कवायद जारी है।

पीक ऑवर में पैदा की गई भरपूर बिजली
सिस्टम कंट्रोल (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) से आए निर्देश के बाद जिले की सभी परियोजनाओं में उत्पादनरत इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाया गया। 300 मेगावाट की रिहंद और 99 मेगावाट की ओबरा जल विद्युत गृह से लगभग पूरी क्षमता से उत्पादन बना हुआ है। वहीं 3000 मेगावाट वाली एनटीपीसी रिहंद के तीनों स्टेज से 2759 मेगावाट, 2000 मेगावाट वाली शक्तिनगर स्थित एनटीपीसी सिंगरौली से 1822 मेगावाट तक उत्पादन लिया गया। राज्य उत्पादन निगम की 1630 मेगावाट वाली अनपरा ए में 1363, 1200 मेगावाट वाली अनपरा बी में 1105, 1000 मेगावाट वाली अनपरा डी में 500 मेगावाट की दूसरी इकाई से 468, 2320 मेगावाट वाली ओबरा परियोजना से 1223 और 1200 मेगावाट की लैंको परियोजना से 1100 मेगावाट तक उत्पादन लिया गया।


मांग-आपूर्ति में संतुलन के लिए चल रहे प्रयास
बिजली की मांग-आपूर्ति में संतुलन बनाए रखने के लिए पारेषण लाइनों के जरिए रीजनवार लेन-देन (इंटर एक्सचेंज) की व्यवस्था बनाई गई है। शनिवार को पूर्वी क्षेत्र ने उत्तरी क्षेत्र से 400 केवी गोरखपुर-मोतीहारी लाइन के जरिए 498 मेगावाट बिजली ली वहीं 20 मेगावाट की आपूर्ति दी। गोरखपुर-मुजफ्फरनगर लाइन पर 804 बिजली ली और 14 मेगावाट दी। 400 केवी वाराणसी-सासाराम लाइन के जरिए 127 मेगावाट ली गई। वहीं 765 केवी वाराणसी-गया लाइन क्रमश: 946 और 958 मेगावाट का आदान-प्रदान हुआ। पूर्वी क्षेत्र और उतरी क्षेत्र के बीच क्रमश: 9460 और 2486 मेगावाट का लेन-देन किया गया।

हरियाणा के बाद यूपी में दर्ज हुई सबसे ज्यादा खपत
शुक्रवार को हरियाणा में जहां सबसे अधिक 15.80 करोड़ यूनिट तो यूपी में उसके बाद सर्वाधिक 141 मेगावाट बिजली की खपत दर्ज हुई। दिल्ली में 9 करोड़, पंजाब में 8.9 करोड़ यूनिट बिजली खपत का आंकड़ा दर्ज किया गया। वहीं अक्तूबर माह में पिछले वर्ष चार अक्तूबर को 26756 मेगावाट अधिकतम खपत का रिकाॅर्ड बना। इस बार अक्तूबर में अब तक अधिकतम खपत 26269 मेगावाट का रिकाॅर्ड पहली अक्तूबर के नाम है। इसके बाद बारिश और मौसम में नरमी के चलते बिजली खपत 21 से 22 हजार मेगावाट पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि दीपावली पर बिजली की खपत में तीन से चार हजार मेगावाट तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
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